गणतन्त्र दिवस: बूंदाबांदी से राजपथ हुआ खुशनुमा

परवीन अर्शी

नई दिल्ली। परेड के दौरान हुई बूंदा बांदी ने राजपथ का मौसम सुहाना कर दिया. 68वें गणतंत्र दिवस को राजपथ पर सांस्कृतिक विविधता और समृद्धि का शानदार नजारा देखने को मिला। यहां 17 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों, छह मंत्रालयों की झांकियों ने दर्शकों का जीत लिया। हालांकि जशन में आये लोगों को काफी परेशानी हुई लेकिन इस परेशानी को भी लोगों ने एन्जॉय किया. कार्यक्रम के दौरान हल्की बूंदाबादी ने मौसम को खुशनुमा बनाया। ओडिशा की सांस्कृतिक विरासत दोल यात्रा और अरूणाचल प्रदेश की झांकी में प्रदेश के याक नृत्य का प्रदर्शन किया गया। महाराष्ट्र की झांकी महान स्वतंत्रता सेनानी बाल गंगाधर तिलक को समर्पित रही।

 बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ झांकी
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ को समर्पित रही हरियाणा की झांकी को दर्शकों ने सबसे ज़्यादा पसन्द किया. इसके अलावा मणिपुर की झांकी में लाई हराउवा उत्सव को पेश किया गया। वहीं गुजरात की झांकी कच्छ की लोक संस्कृति पर आधरित रही। लक्षद्वीप की झांकी पर्यटन और दिल्ली की झांकी शिक्षा आधारित रही। कर्नाटक की झांकी परंपरागत कला को समर्पित रही। हिमाचल प्रदेश की झांकी में कसीदाकारी, चम्बा शहर को प्रदर्शित किया गया। पश्चिम बंगाल की झांकी की थीम
शरद उत्सव रही। पंजाब की झांकी में जागो आइया नृत्य का चित्रण किया गया । गोवा की झांकी में वहां की संगीत विरासत को दर्शाया गया तो तमिलनाडु की झांकी में वहां के पारंपरिक नृत्य का प्रदर्शन किया गया । त्रिपुरा की झांकी में होजगिरी नृत्य तो जम्मू कश्मीर की झांकी में शीतकालीन खेलों का प्रदर्शन किया गया।
खादी उत्पादों का प्रचार
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय ने अपनी झांकी में खादी उत्पादों का प्रदर्शन किया । आवास एवं शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय की झांकी में प्रधानमंत्री आवास योजना को दर्शाया गया। वैज्ञानिक एवं औद्योगिकी अनुसंधान परिषद की झांकी में वैश्विक स्थिति को तथा केंद्रीय लोक निर्माण विभाग की झांकी में वातावरण में स्वच्छता का संदेश दिया गया । कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की झांकी में स्किल इंडिया को पेश किया गया।

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