गोकुलोत्सवजी महाराज की गायकी को दिल्ली के श्रोताओं ने सराहा

‘गुणीजन सभा’ की 21 वीं आयत

‘उस्ताद इमामुद्दीन खान डागर इंडियन म्यूजिक आर्ट एंड कल्चर सोसाइटी’ और ‘ द डागर आर्काइव्ज़’ द्वारा आयोजित ‘गुणीजन सभा’ की 21 वीं आयत दिल्ली में आयोजित की गई. जिसमें खयाल और ध्रुपद गायन के निपुण भारतीय शास्त्रीय गायक पद्मभूषण डॉ. पंडित गोस्वामी गोकुलोत्सवजी महाराज ‘सर्वांग गायिकी’ (ख़्याल,ध्रुपद,हवेली संगीत) के अंतर्गत गुणीजन सभा के सुधि श्रोताओं से सीधे संवाद किया. गोकुलोत्सवजी महाराज ने ख़्याल,धमार,ध्रुपद,हवेली संगीत की अनेक बंदिशें पेश कीं जिसे सुनकर दिल्ली के श्रोताओं की आत्मा तृप्त हो गई. श्रोताओं की मांग पर महाराज जी ने पखावज वादन भी पेश किया. सभा में मशहूर समीक्षक मंजुल सक्सेना और प्रख्यात गायक भी उपस्थित थे.कार्यक्रम अविजित आइच (तबला), मनमोहन नायक(पखावज) और ज़ाकिर धौलपुरी (हारमोनियम) की संगत भी सराहनीय रही.
गुणीजन सभा के सिलसिले को शबाना डागर आगे बढ़ा रही हैं और वे डागर घराने की ध्रुपद वाणी की बीसवीं पीढ़ी से हैं और ‘उस्ताद इमामुद्दीन खान डागर इंडियन म्यूजिक आर्ट एंड कल्चर सोसाइटी’ की अध्यक्ष भी हैं. वे चाहती हैं कि भारतीय संगीत, साहित्य और कला सशक्त हों और इनका विस्तार किया जाए. उनकी कोशिशों से जयपुर और दिल्ली के सुधि श्रोताओं के साथ से गुणीजन सभा को नए आयाम मिल रहे हैं.

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