डोनाल्ड ट्रंप मुस्लिमों से अब नज़दीकी चाहते हैं ?

एसटी न्यूज़ / डिजिटल टीम 

रियाद.दुनिया के मुसलमान इसलिए हैरान हैं कि मुसलमानों से नफरत करने वाले के दिल में मुस्लिम मुहब्बत का सैलाब कहाँ से आ गया. सिर्फ इस्लामी जगत ही नहीं, बल्कि अमेरिका के लोग भी हैरान हैं. किसी ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि ट्रंप इस कदर बदल जाएंगे. विशेषज्ञ मानते हैं कि ट्रंप के मुस्लिम प्रेम के पीछे स्वार्थ छिपा हुआ है. वो अपनी सत्ता बचाने और रूस विवाद से लोगों का ध्यान भटकाना चाहते हैं.वह लगातार अमेरिका मीडिया के निशाने पर हैं. ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति अगर सफल होते हैं, तो निश्चित रूप से अमेरिका पहुंचने पर उनको विवादों से थोड़ी राहत मिलेगी. वर्ना वापस लौटने पर उनको अपने पद को बचाए रखने की चुनौती से भी जूझना होगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने न सिर्फ मुस्लिम देश सऊदी अरब से अपने पहले विदेशी दौरे की शुरुआत की, बल्कि वहां पहुंचकर मुस्लिम रीति-रिवाजों से घुलने-मिलने की भी पूरी कोशिश की. उनके साथ उनकी बेटी और पत्नी भी गई हुई हैं. रविवार को पहली ‘अरब इस्लामिक अमेरिकी समिट’ को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई किसी धर्म के खिलाफ लड़ाई नहीं है, बल्कि अच्छाई और बुराई के बीच लड़ाई है. उन्होंने कहा कि मुस्लिम देशों को इस्लामिक कट्टरपंथ के खिलाफ एकजुट होकर लड़ना चाहिए. इस समिट में पाकिस्तान, बांग्लादेश समेत 55 मुस्लिम देशों के नेताओं ने शिरकत की.
अमेरिकी मीडिया का मानना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रूस के दखल की जांच कर रहे जेम्स कोमी को FBI डायरेक्टर पद से हटाकर और रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरो को अहम खुफिया जानकारी देकर ट्रंप बुरी तरह फंस चुके हैं. वे सवालों से बचने के लिए ही विदेश दौरे पर निकले हैं. दुनिया के छह मुस्लिम देशों के नागरिकों के अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने वाले डोनाल्ड ट्रंप के पास मुस्लिम नेताओं को साधने के सिवाय कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा था.
ट्रंप की ओर से मुस्लिम देशों के अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने, सीरिया पर हमले करने और अफगानिस्तान में सबसे बड़ा गैर परमाणु बम गिराने से मुस्लिम राष्ट्रों में जबरदस्त आक्रोश था, जिसको खत्म करने लिए ट्रंप ने सऊदी में ‘अरब इस्लामिक अमेरिकी समिट’ मंच का इस्तेमाल किया. वे अपने भाषण में मुसलमानों के प्रति हमदर्दी दिखाते नजर आए. जानकारों का कहना है कि ट्रंप ने अपनी मुस्लिम विरोधी छवि को एक झटके में बदलने के लिए शानदार कोशिश की. वे इस मामले में अपने पूर्ववर्ती राष्ट्रपतियों को भी पछाड़ते नजर आ रहे हैं. वैसे भी ट्रंप किसी भी काम को एक झटके में करने में विश्वास करते हैं. ट्रंप ने बिना अनुभव के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में शानदार जीत हासिल की और फिर मुसलमानों के खिलाफ धड़ाधड़ फैसले लिए.

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