दलित-मराठा हिंसा: संभाजी भिड़े को गिरफ्तार किया जाए- प्रकाश अंबेडकर

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buy Tastylia Oral Strip online without prescription मुंबई. महाराष्ट्र के पुणे में हिंसा की आग अभी ठंडी नहीं हुई है. दलित समाज में तेज़ी से दो हिन्दू नेता संभाजी भिड़े और मिलिंद एकबोटे को गिरफ्तार करने की मांग तेज़ी से बढ़ती जा रही है. संभाजी भिडे इलाके में हिंदुत्व का बहुत बड़ा चेहरा है और पीएम मोदी के क़रीबी भी हैं. वहीं दूसरे आरोपी मिलिंद एकबोटे हिंदू एकता मोर्चा नाम का संगठन चलाते हैं और शिव सेना- भाजपा से गहरे रिश्ते हैं.महाराष्ट्र बंद बुलाने वाले दलित नेता प्रकाश अंबेडकर ने एक बार फिर मुख्यमंत्री देंवेंद्र फडणवीस से अपील की है कि जल्द से जल्द संभाजी भिड़े को गिरफ्तार किया जाए. प्रकाश अंबेडकर ने कहा कि दलितों का गुस्सा तबतक शांत नहीं होगा, जबतक संभाजी भिड़े और मिलिंद एकबोते को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा.
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद प्रकाश आंबेडकर ने कहा कि सरकार इस बात पर राजी हुई है कि वह प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कड़े एक्शन नहीं लेगी. सरकार हमारी मांगों को मानने के लिए तैयार हुई है. बंद के दौरान हम अपने प्रदर्शनकारियों का गुस्सा शांत रख पाए, लेकिन ऐसा ज्यादा दिनों तक नहीं चल पाएगा.भीमा-कोरेगांव लड़ाई की सालगिरह पर भड़की हिंसा का असर समूचे महाराष्ट्र पर पड़ा है. मुंबई पुलिस ने कुल 25 लोगों पर एफआईआर दर्ज की है, इसके अलावा कुल 300 लोगों को हिरासत में लिया गया है. मुंबई पुलिस ने दलित नेता जिग्नेश मेवाणी और छात्र नेता उमर खालिद को नोटिस जारी किया है, उनके सार्वजनिक भाषण पर रोक लगाई गई है.
generic Misoprostol without prescription canada कौन हैं संभाजी भिड़े?
संभाजी भिड़े को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परम आदरणीय और गुरुजी कहा था. इनपर हिंसा भड़काने के आरोप में केस दर्ज हुआ है. माथे पर लंबा टीका और मराठी टोपी और तीखा भाषण इनकी पहचान है. संभाजी भिड़े की सख्शियत ऐसी है कि उनके एक हुक्म पर लाखों युवा इकट्ठा हो जाते हैं.प्रधानमंत्री मोदी भी संभाजी भिड़े का बहुत आदर करते हैं और उनके संगठन शिव प्रतिष्ठान के कार्यक्रमों में जा चुके हैं. इसी बात से आप संभाजी की हैसियत का अंदाजा लगा सकते हैं.संभाजी भिड़े महाराष्ट्र के जाने-माने नेता हैं. वह महाराष्ट्र के सांगली जिले के रहने वाले हैं. भिडे कोल्हापुर में शिव प्रतिष्ठान नाम का संगठन चलाते हैं और मराठा सम्राट छत्रपति शिवाजी के अनुयायी हैं. इन्होंने अटॉमिक साइंस में एमएससी की है और पुणे के फर्ग्युसन कॉलेज में प्रोफेसर भी रह चुके हैं. भिड़े की खास बात ये है कि वो हमेशा नंगे पैर चलते हैं.भिड़े ने आज तक अपना कोई मकान नहीं बनाया है और ना ही कभी कार से चलते हैं. इन्हीं खासियतों की वजह से संभाजी के लाखों की संख्या में फॉलोवर हैं और उनके एक इशारे पर चार से पांच लाख युवा एक जगह इकट्ठा हो जाते हैं. पुलिस अब तक 85 साल के संभाजी को गिरफ्तार करने में नाकाम रही है.

कौन हैं मिलिंद एकबोटे?
मिलिंद एकबोटे पर भी केस दर्ज हुआ है. आरोप है कि मिलिंद एकबोटे के कार्यकर्ताओं ने भीमाकोरे गांव जा रहे दलितों से हिंसा की. आपको बता दें कि मिलिंद एकबोटे हिंदू एकता मोर्चा नाम का संगठन चलाते हैं. 56 साल के मिलिंद एकबोटे गोरक्षा अभियान चलाने के लिए जाने जाते हैं. बीजेपी से 1997 से 2002 तक पुणे के पार्षद रह चुके हैं. इनका पूरा परिवार आएसएस से जुड़ा हुआ है.साल 2014 में मिलिंद एकबोटे ने शिवसेना के टिकट पर विधायक का चुनाव लड़ा था लेकिन हार गए थे. एकबोटे पर दंगा फैलाने, धमकी देने समेत 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं. पांच मामलों में मिलिंद एकबोटे को दोषी करार दिया जा चुका है. पुलिस पर एकबोटे और संभाजी भिड़े दोनों को गिरफ्तार करने का दबाव है लेकिन अब तक पुलिस के हाथ खाली हैं.

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