निर्भीक और बेबाक विचारों वाली वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की गोली मारकर हत्या

प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया में बुधवार दोपहर तीन बजे हत्या के विरोध

में पत्रकार एकजुट होंगे

परवीन अर्शी

अपने निर्भीक लेखन और बेबाक विचारों की वजह से कर्नाटक में लोकप्रिय वरिष्ठ पत्रकार और संपादक गौरी लंकेश की मंगलवार रात गोली मारकर हत्या कर दी गई.अज्ञात बदमाशों ने बेंगलुरु के राजराजेश्वरी नगर में स्थित उनके घर में घुसकर वारदात को अंजाम दिया. रात तकरीबन आठ बजे उनके घर के दरवाज़े पर बेहद करीब से उन्हें तीन गोलियां मारी गईं.दिल्ली के प्रेस क्लब में बुधवार दोपहर तीन बजे इस हत्या के विरोध में पत्रकार एकजुट हो रहे हैं.
कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल, केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी महिला पत्रकार की हत्या पर शोक व्यक्त किया. कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने ट्वीट किया, ‘गौरी की हत्या उन लोगों को चुप कराने का प्रयास है, जो विपरीत विचार रखते हैं. यह दुर्भाग्यपूर्ण है.’ केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने पत्रकार की हत्या पर शोक व्यक्त किया है. दिल्ली में प्रेस क्लब ऑफ इंडिया और विमन्स प्रेस क्लब (आईडब्ल्यूपीसी) ने वरिष्ठ पत्रकार गौरी की हत्या की कड़े शब्दों में निंदा की है.
कर्नाटका के पुलिस कमिश्नर सुनील कुमार के अनुसार ‘मंगलवार शाम गौरी जब अपने घर लौट रही थीं, तब उनके घर के बाहर ये हमला हुआ. ये हमला किस वजह से किया गया, इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता.नाम ज़ाहिर नहीं करने की शर्त पर पुलिस अधिकारियों ने बताया, ”गौरी जब राज राजेश्वरी नगर में अपने घर लौटकर दरवाज़ा खोल रही थीं, तब हमलावरों ने उनके सीने पर दो और सिर पर एक गोली मारी.”

रिपोर्ट के अनुसार, कर्नाटक में संघ परिवार की सांप्रदायिक राजनीति के ख़िलाफ़ लेखन के चलते पिछले कुछ दिनों से वह कुछ लोगों के निशाने पर थीं. राज्य में कांग्रेस शासन है और अगले साल यहां चुनाव होने हैं.‘गौरी लंकेश पत्रिके’ नाम की साप्ताहिक मैगजीन की संपादक थीं. इस मैगजीन को ‘व्यवस्था विरोधी’ प्रकाशन के रूप में जाना जाता है.गौरी ने लंकेश पत्रिका के जरिए ‘कम्युनल हार्मनी फोरम’ को काफी बढ़ावा दिया. लंकेश पत्रिका को उनके पिता ने 40 साल पहले शुरू किया था और इन दिनों वो इसका संचालन कर रही थीं.
गौरी के पिता पी लंकेश एक पुरस्कार विजेता फिल्ममेकर थे, जिन्होंने 1980 में लंकेश पत्रिका शुरू की थी. गौरी की उम्र 55 साल थी.गौरी की परिवार में उनकी बहन कविता लंकेश, भाई इंद्रेश और मां हैं. कविता लंकेश राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता हैं.
कन्नड़ लेखक मुरलीसिडप्पा
कन्नड़ भाषा के प्रख्यात लेखक मुरलीसिडप्पा ने बताया कि उनकी हत्या की ख़बर बेहद भयंकर है. उन्होंने यहां संघ परिवार के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल रखा था. वास्तव में उनकी हत्या हो जाना यह बताता है कि स्थितियां कितनी ख़तरनाक हो चुकी हैं. जिन लोगों ने तर्कवादी नरेंद्र दाभोलकर, गोविंद पानसरे और एमएम कलबुर्गी को मार डाला, उन्हीं लोगों ने गौरी लंकेश की हत्या की है.’पिछले साल नवंबर में गौरी लंकेश को 2008 में लिखे एक लेख की वजह से मानहानि को दोषी पाया गया है. इस लेख को धारवाड़ से भाजपा सांसद प्रहलाद जोशी और भाजपा नेता उमेश दुशी ने आपत्तिजनक कहा था.इस लेख में आरोप लगाया गया था कि भाजपा सांसद भ्रष्टाचार के मामलों में शामिल हैं. लंकेश ने ख़ुद के दोषी होने को चुनौती दी थी जिसके बाद उन्हें ज़मानत मिल गई थी.

राहुल गांधी
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने राहुल ने ट्वीट कर कहा, ‘सच्चाई को कभी खामोश नहीं जा सकता. गौरी लंकेश हमारे दिलों में बसती हैं. मेरी संवेदनांए और प्यार उनके परिवार के साथ हैं. दोषियों को सजा मिलनी चाहिए.

ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पत्रकार हत्या मामले को ‘बेहद दुर्भाग्यपूर्ण’ और ‘खतरनाक’ करार दिया. हिंदुत्ववादी राजनीति के खिलाफ खुलकर विचार जाहिर करने वाली वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की मंगलवार को राज राजेश्वरी इलाके में उनके घर के पर अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी.

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, ”ये बेहद दुखद खबर है. गौरी पत्रकार, लेखक और विकासशील विचारों की थीं. उन्होंने हमेशा कट्टरपंथियों के खिलाफ आवाज़ उठाई थी. ये बेहद दुखद है कि उनकी हत्या कर दी गई.
मैंने पुलिस कमिश्नर से बात करके केस की जांच के लिए तीन टीमें बनाने और मुझे रिपोर्ट देने के लिए कहा है.”

जावेद अख्तर
बॉलीवुड के मशहूर राइटर जावेद अख्तर ने भी ट्वीट करते हुए लिखा कि दाभोलकर, पनसरे, कलबुर्गी और गौरी लंकेश. अगर एक ही तरह के लोगों की हत्या हो रही है तो उनके हत्यारे कौन हैं.

Please follow and like us:

Leave a Reply

Skip to toolbar