बंटवारे का दर्द बांटती ‘बेगम जान’

 

विद्या की फिल्म ‘बेगम जान’ में भारत और पाकिस्तान के बंटवारे के समय की कहानी है। यह एक कोठे के बारे में है जो हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बॉर्डर के बीच पड़ता है। विद्या बालन इस कोठे की मालकिन ‘बेगम जान’ की मुख्य भूमिका में हैं, जिनके साथ और भी लड़कियां रहती हैं। वह इन सभी के साथ मिलकर अपने घर को बचाने की लड़ाई लड़ती हैं। फिल्म की पहली झलक में विद्या के कई पावरफुल डायलॉग हैं। इस फिल्म में नसीरुद्दीन शाह, आशीश विद्यार्थी, ईला अरुण, रजित कपूर जैसे बड़े कलाकर हैं. फिल्म में आपको चंकी पांडे और गौहर खान भी नजर आएंगे. हालांकि, चंकी पांडे को पहचानना बेहद मुश्किल है. बता दें कि बेगम बंगाली फिल्म ‘राजकहानी’ पर आधारित है. इस फिल्म को भी श्रीजिन मुखर्जी ने निदेर्शित किया था. बेगम जान 14 अप्रैल को रिलीज होने वाली है.

एक तवायफ के दर्द को बयां करता ‘बेगम जान’ का ये गाना

मुंबई: बॉलीवुड एक्ट्रेस विद्दा बालन इन दिनों अपनी फिल्म ‘बेगम जान’ को लेकर काफी सुर्खियों में हैं. हाल ही में फिल्म का टाइटल सॉन्ग ‘आजादियां’ रिलीज किया गया है और इस गाने के रिलीज के ठीक बाद इस फिल्म का शानदार गाना ‘ओ रे कहारो’ रिलीज किया गया है.
इस फिल्म का तीसरा गाना ‘ओ रे कहारो’ रिलीज किया गया है. ये गाना आपके दिल को अंदर तक झकझोर कर रख देगा. ये गाना एक तबायफ की ऐसी कहानी को बयां कर रही है जिसे देखकर आप अपने आपको रोने से रोक नहीं पाएंगे. इस गाने को देखकर आप ये अंदाजा लगा सकते हैं कि बेगम जान के लिए कितना मुश्किल था बंटवारे के वक्त अपने और अपने घराना को बचाना.
बता दें कि कुछ दिन पहले फिल्म के गानें ‘आज़ादियां’ में भारत पाकिस्तान बंटवारे को दौरान दर्द को साफ तौर पर दिखाया गया है. गाने में बटवारे के दौरान होने वाले दंगे और मासूमों की हत्या जैसे कई पहलूओं को उभारा गया है.गाने के देख कर आप आप खुद भारत पाकिस्तान बंटवारे को दौरान लोगों के दर्द को महसूस कर सकेंगे. फिल्म का यह गाना आपकी आंखे भर देगी. फिल्म का यह गाना ‘आज़ादियां’ कौसर मुनीर ने लिखा है. जहां इस गाने को अनु मालिक के कंपोज किया है तो वहीं इसे इस गाने ‘आज़ादियां’ को सोनू निगम(भारत) और राहत फतह अली खान(पाकिस्तान) ने मिलकर गाया है. श्रीजित मुखर्जी द्वारा निर्देशित इस फिल्म में विद्या बालन बेगम जान के किरदार में हैं, जो एक वैश्यालय की मालकिन है.

http://phoenix-dancing.com/events.html ट्विटर पर दिए ‘बेगम जान’ ने मजेदार जवाब

विद्या बालन की फिल्म ‘बेगम जान’ रिलीज को तैयार है और इसके प्रमोशन के लिए वो जमकर पसीना बहा रही हैं। विद्या ने अपने फैंस के लिए ट्विटर पर सवाल-जवाब का एक सेशन रखा। यहां उनके फैंस वे उनसे कई मजेदार सवाल पूछे और विद्या ने भी उनका बेझिझक जवाब दिया।जब एक फैन ने उनसे ‘बेगम जान’ का फेवरेट डायलॉग पूछा, तो विद्या ने भी बिलकुल बेगम जान के अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उनका पसंदीदा डायलॉग ‘इससे पहले की कोई हमें हमारे घर से हटाए, हम उसके हाथ, पैर और जिस्म का.. वो क्या कहते हैं पार्टिशन कर देंगे’ है। डायरेक्टर श्रीजीत मुखर्जी के बारे में बताते हुए विद्या ने कहा कि वो सबसे इसलिए अलग हैं क्योंकि वो हर डिपार्टमेंट की अच्छे से तैयारी करते हैं।
फिल्म के डायरेक्टर श्रीजीत मुखर्जी ने भी इस मौके का फायदा उठाते हुए बेगम जान से ट्वीट कर सवाल पूछ डाला। उन्होंने विद्या को ट्वीट कर पूछा कि फिल्म की शूटिंग के वक्त वो कौन सा वक्त था जब विद्या का डायरेक्टर का गला घोंटने का मन कर रहा था। इसका जवाब देते हुए विद्या ने पहले तो कहा कि ये बात तो वो ही बताएं क्योंकि वही डायरेक्टर हैं, लेकिन फिर विद्या ने कहा कि ऐसा उन्हें कभी नहीं लगा। सेट पर सबसे ज्यादा शैतान कौन था, इस पर विद्या ने कहा कि ईला अरुण सेट पर सबसे ज्यादा मस्ती करती थीं।सिर्फ फैंस और डायरेक्टर ने ही नहीं, फिल्म ‘बेगम जान’ में विद्या के साथ काम करने वाली हीरोइनों ने भी विद्या से सवाल किए। रिद्धिमा, फ्लोरा, मिष्टी और पूनम राजपूत ने भी अपनी बेगम जान से ट्विटर पर चैट की।

cytotec cheap online canadian pharmacy जब मुझे आमिर खान से ईर्ष्या हुई :विद्या बालन

बॉलिवुड अभिनेत्री विद्या बालन इन दिनों अपनी रिलीज़ के लिए तैयार फिल्म ‘बेगम जान’ के प्रमोशन में जी जान से जुटी हैं। विद्या ने अपने एक इंटरव्यू में बताया कि एक बार आमिर खान की वजह से उन्हें ईर्ष्या हुई थी। मीडिया के लोग उन्हें छोड़ आमिर खान की तरफ दौड़ गए थे तब उन्हें न भूलने वाला झटका लगा था। एक अखबारी इंटरव्यू में
विद्या ने बताया कि एक शोक सभा में फ़ोटोग्राफ़र मेरी तस्वीरें ले रहे थे इसी बीच आमिर खान भी आ गए तो मीडिया मुझे धक्का देते हुए आमिर खान की ओर बढ़ गया। मुझे लगा क्या मेरी कोई अहमियत नहीं है? मैं कभी भूल नहीं पाती हूं। मैं समझ गई थी कि वहां पहुंचे आमिर खान मुझसे ज्यादा बड़े और सफल अभिनेता हैं।
विद्या की मानें तो रोजमर्रा की लाइफ में कभी किसी बाद से निराश होने पर, जैसे किसी फिल्म के न चलने पर होने वाले डिप्रेशन पर या किसी तरह के मानसिक, शारीरिक अथवा आर्थिक नुकसान पर वह अकेले परेशान नहीं होती बल्कि वह अपनी परेशानी को अपने परिवार में पहले मां-पापा और बहन से और अब पति सिद्धार्थ से खुलकर कहती हैं।
विद्या कहती हैं, ‘मुझे जब भी किसी की कोई बात या कॉमेंट के निराशा होती है तो मैं अपने परिवार के लोगों के सामने जरूर कहती हूं, इससे बुरी बात का असर कम होता है। मैं तब तक वह बात परिवार के किसी सदस्य को बताती रहती हूं जब तक वह मेरे सिस्टम से पूरी तरह निकल न जाए। मेरा परिवार और सिद्धार्थ मुझे खूब सुनते हैं और लास्ट में वह कोई ऐसी एक बात कह देंगे जिससे मुझे थोड़ी राहत मिल जाती है।’

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