कुछ सवाल जो जनता बता रही हैं कितनी पास कितनी फेल सरकार …परवीन अर्शी

सरकार का रिपोर्ट कार्ड पब्लिक की नज़रो मे,  इन चार सालो मे  सरकार ने  मुसलमानो को किया नज़रअंदाज़ ,दलितों के साथ भेदभाव ,महिलाये बच्चे असुरक्षित कानून का डर खौफ ख़त्म होता जा रहा हैं असामाजिक तत्वों के बिच,रोज़गार नहीं हैं ,शांति नहीं हैं महंगाई सर से ऊपर चली गई.

नई दिल्ली के कंस्टीटूशन क्लब मे एक समावेशी भारत का निर्माण सिटीजन कॉन्क्लेव चल रहा हैं , या यूँ  कहे की मोदी सरकार के काम काज का अवलोकन किया जा रहा हैं.कि मोदी सरकार कितनी पास कितनी फेल. जिसमे सामाजिक कार्यकर्ता शबनम हाश्मी हर्षमंदर,अपूर्वानंद के साथ साथ कई दिग्गज हस्ती शामिल हैं कार्यक्रम का मकसद देश मे हो रही उन घटनाओ की ओर ध्यान दिलाना हैं जिन्हे हम अमूमन नज़र अंदाज़ कर देते हैं.

 

सरकार के रव्वैये से नाराज़गी जाहिर करते हुए  वक्तगण ने अपने शब्दों मे कई मुद्दे और कई घटनाओ का जिक्र करते हुए कहा की आज के हालत बिलकुल भी ठीक नहीं हैं सब चीज़े हाथो से छूट टी जारही हैं  .बेटियां ,महिलाये ,बच्चे सभी असुरक्षित हैं साथ ही रोज़गार नहीं हैं किसान मर रहे हैं ,कानून का कोई डर नहीं हैं. अपराधियों मे ,पुलिस सुनती नहीं हैं और नेता मौज ले रहे हैं ,कैसे देश आगे बढ़ेगा .कहा जा रहे हैं हम लोग.

प्रोग्राम मे आई वक्ता रचना (किन्नर ) हैदराबाद से जो की वेब सीरीज ट्रन्सवरसन चलाती हैं .रचना ने एक घटना का ज़िक्र करते हुए बताया कीपुछताछ के नाम पर पुलिस उसकी साथी प्रवल्लिका को उठा ले गए. तहकीकात के नाम पर हिजड़े को नंग्गा बिठा रखा था . चार घंटे थाने मे सिर्फ ये पहचान करने की ये कौन हैं . औरत हैं या मर्द ये करती हैं पुलिस .ये हैं सच्चाई देश मे चल रही मनमानी की .आखिर कौन हैं दोषी ,पब्लिक , पुलिस या सरकारे कोई तो होगा दोषी, इतनी बर्बरता , शर्म आती हैं . ऐसे समाज पर ऐसे लोगो पर जो किसी की मजबूरी को मज़ाक बना देते हैं.

 

मर्डरर छूट जाता हैं न्याय नहीं मिला प्रवल्लिका को ,ये कोई भूल नहीं ,गलती नहीं, क्राइम हैं ये .बहुत अरसे से होता आ रहा हैं ये ,२०१४ मे सुप्रीमकोर्ट ने (जस्टिस सिकरी और जस्टिस राधा कृष्णन) ने जो फैसला दिया था .२०१६ मे उसे पलट दिया गया. बिल के नाम पर, हिजड़ो को हमेशा से इस्लाम के लोगो से ही मदद मिली हैं. लेकिन उन्हे हिजड़े से किन्नर कहा जा रहा हैं ,किन्नर हिंदी मे कहा जाता हैं जो की हिन्दू प्रथा मे पहले इस्तेमाल होता था.

हिन्दू धर्म संकट मे हैं कहकर सरकार दे रही हैं नसीहत ज़्यादा बच्चे पैदा करने की. औरत का शरीर भले ही इज़ाज़त ना दे .औरतो का उसके शरीर पर कोई अधिकार नहीं हैं क्या ?मुसलमान भी नहीं रुक रहे हैं ,लगे हैं ज़्यादा बच्चे पैदा करने मे ये भी एक समस्या और सच्चाई हैं. बच्चो की तालीम पर ध्यान देगे तभी मुसलमान के हालत सुधरेगे . ऐनी राजा (सोशल एक्टिविटिस्ट)

लोग मुझे इग्नोर करते हैं क्यूंकि कि मैं हिजाब नहीं करती हूँ. हालाँकि मैं कुरआन पढ़ती हूँ . रोज़े रखती हूँ . लेकिन आडम्बर से दूर हूँ  ये मेरा और मेरे अल्लाह का मसला हैं . हिजाब या आडम्बर से ही मुसलमान दिखू ये ज़रूरी तो नहीं. हमे पढ़ाई पर ज़्यादा ध्यान देना होगा बच्चो कि तालीम बहुत ज़रूरी हैं .तभी मुसलमान ओर देश के सारे तबके ऊपर उठ पाएंगे आज मुसलमान औरते तालीम लेकर भी घर गृहस्थी के काम मे लगी हुए हैं .अपनी तालीम का इस्तेमाल नहीं कर पाती हैं.समाज को बदलना होगा मुख्यधारा  मे आने के लिए .
सईदा हामिद ( सोशल एक्टिविस्ट )

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पीर हाजी रतन सिंह हिंदी

पीर हाजी रतन की मज़ार बठिंडा के लोकप्रिय धार्मिक स्थलों में से एक हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार बाबा हाजी रतन ने राजा भोज के राजदूत के रूप में मक्का का दौरा किया था । जब वे भारत लौटे तो वे बठिंडा में रुके और ध्यान किया । मज़ार के पास एक गुरुद्वारा है, जहाँ मस्जिद और गुरूद्वारे की एक ही दीवार हैं। इसी धार्मिक समानता और निष्पक्षता को देखने के लिए पर्यटक यहाँ दूर-दूर से आते हैं।

बाबा हाजी रतन सिंह हिंदी का जन्म उत्तर प्रदेश के बिजनौर के एक गांव में हुआ था लेकिन जन्म तारीख नहीं मिलती.लेकिन हज़रत बाबा रतन हिंदी का इंतक़ाल दिल्ली और सिंध के बीच में ‘ताबर हिन्द’ (भटिंडा का पुराना नाम) में 1234 में हुआ था.

बाबा रतन हिंदी एक कारोबारी थे और कारोबार के सिलसिले में अरब और मिस्र अक्सर जाना होता था.आपने काफी समय पैगम्बर हज़रत मुहम्मद के साथ गुज़ारा था.जानकारों के मुताबिक़ रतन हिंदी जब मदीना में थे तब उन्होंने तेज़ बारिश के दौरान एक चौदह साल के बच्चे को भेड़ें चराते हुए देखा.उसकी तमाम भेड़ें तो बरसाती नाले से उस पार चली गईं लेकिन खूबसूरत नौजवान कैसे नाला पार करे सोच रहा था तभी रतन हिंदी ने उस बच्चे को अपने काँधे पर बैठकर पानी के नाले के उस पार पहुंचा दिया

उस बच्चे ने शुक्रिया अदा करते हुए दुआ दी. अरबी भाषा में कहा,’तुम्हारी उम्र दराज़ हो..’ ये जुमला सात बार बोला.रतन हिंदी इस घटना के बाद भारत लौट आए. तक़रीबन पचास साल बाद एक रात वे उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ ज़िले के जेवर नामक स्थान पर अपने साथियों के साथ रात में बैठे थे तभी देखा चाँद के दो टुकड़े हो गए और कुछ देर के लिए अन्धेरा सा बरपा हो गया था .फिर वैसा ही जुड़ गया.यही करिश्मा मालवा के राजा भोज ने भी देखा.राजाभोज ने अपने कुछ साथियों को हजरत रतन हिंदी के साथ अरब के मदीना शहर भेजा.वहां जाकर पता चला के इस्लाम के आखिरी पैगम्बर मुहम्मद ने मदीने के कुछ लोगों के कहने पर पल भर के लिए ऐसा किया था.

रतन हिंदी और राजा भोज के नुमाइंदे जब पैगम्बर मुहम्मद से मिले तो उनकी खूबसूरती देखकर दंग रह गए.फिर भी रतन हिंदी जो कि मिस्र यात्रा के दौरान ईसाई हो चुकेथे,उन्होंने आज़माने के लिए पूछा हमें भी कोई करिश्मा दिखाएं कि यक़ीन हो जाए..

.पैगम्बर ने कहा रतन हिंदी भूल गए मुझे अपने काँधे पर बैठकर बरसाती नाला पार कराया था. कुछ समय पैगम्बर साहब के साथ रहने के बाद रतन हिंदी ईसाई से मुस्लिम हो गए और उनके दीगर साथी भी ईमान ले आए.अरब से आने के बाद रतन हिंदी बरसों इस्लाम की तब्लीग़ (प्रचार) करते रहे और आखरी समय पंजाब के भटिंडा में गुज़ारा और यहीं पुराना शहर भटिंडा के अनाज बाजार सिविल अस्पताल के पास रतन हिंदी का मक़बरा है. पीर बाबा रतन हिंदी का मकबरा और गुरुद्वारा एक ही परिसर में हैं.

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माबा संस्था ने संपन्न किया ब्लड डोनेशन कैंप

MABA (मेहरोली आनंद मोई बंगाली एसोसिएशन ) संस्था ने  संपन्न किया ब्लड डोनेशन कैंप मेहरोली मे, पिछले तीन वर्षो से सतत माबा संस्था समाज के लिए कई कार्य कर रही हैं  जिसके तहत २९ अप्रैल को महरोली मे हेल्थ चेकउप और ब्लड डोनेशन कैंप लगाया थाAIIMS के साथ मिलकर .इस कैंप मे ज़्यादातर रक्त दान करने वाले लोग   ४० वर्ष से अधिक उम्र के थे , युवाओ मे अभी भी कही ना कही रक्त दान करने मे हिचक हैं

जब इस का कारण  पूछा तो संस्था के प्रेजिडेंट ने बताया की युवा डरते हैं की कही उन्हे किसी प्रकार का कोई इन्फेक्शन ना हो जाये ,युवाओ मे  जागरूकता की कमी हैं. इस बार माबा ने  लोगो को जागृत करने की कोशिश की और ज़्यादा से ज़्यादा लोगो को रक्त दान के महत्त्व को समझाया और बताया की रक्त दान से हम किसी की जान बचा सकते हैं |

इस कैंप मे राजनीती के लोगो ने भी हिस्सा लिया और रक्त दान किया |जिसमे भारतीय जनता पार्टी की कल्चरल स्टेट हेड रूबी यादव फगोट, दिल्ली बीजेपी के मंत्री गजेंद्र यादव ,एक्स मेयर सरिता चौधरी ,मेहरोली कौंसलर आरती सिंह आदि शामिल थे. संस्था के प्रेजिडेंट शंकर डे के साथ ही कई मेंबर्स ने  भी रक्त दान किया|

जिसमे बी ऐन शंकर जनरल सेक्रेटरी ,समीर दफादार मंतर दस ,मनोज मेहलत ,सुनील घामी,एक्स प्रेजिडेंट बीजेपी मंडल महरोली .इस कैंप का मकसद दिए हुए रक्त को सही जगह तक पहुंचना और लोगो के बिच रक्तदान के महत्त्व को बताना था, संस्था के प्रेजिडेंट शंकर डे ने बताया की इसी प्रकार आगे भी वो इस तरह के कैंप लगाएंगे और समाज की सेवा मे लगे रहेगे|

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काम को मिला सम्मान, मीडिया 24×7 ने देश की जानी मानी हस्तियों को किया सम्मानित.

नई दिल्ली के इंडियन इस्लामिक कल्चर सेंटर मे 3अप्रैल को मीडिया 24 x 7 ने भारत रत्न समाज अवार्ड का आयोजन किया था इस मौके पर देश भर की विभिन्न क्षेत्रों से जनि मानी हस्तियों को सम्मानित किया गया .पत्रकारीयता ,समाज सेवक ,खेल, कला जगत अन्य सभी क्षेत्रों के लोगो को इस अवार्ड से सम्मानित किया गया था ,इस मौके पर समाज के अनेक बुद्धिजीवी और धर्म गुरु शामिल थे .इस मौके पर अवार्डीस को सम्मानित करने राजनितिक क्षेत्र की बड़ी हस्तियों ने भी शिरकत की .

 

इस मौके पर शगुफ्ता टाइम्स की एडिटर इन चीफ परवीन अर्शी को भी उनके काम के लिए सम्मानित किया गया .साथ ही मीडिया जगत कि कई हस्तियों को सम्मान दिया गया ,जिसमे अभिज्ञान प्रकाश NDTV , सय्यद सोहैल न्यूज़ 18 ,रशीद हुसैन ibn7 ,मुमताज़ खान ,अनीता चौदरी ,आदित्य टंडन आदि को अवार्ड दिया गया ,वर्ल्ड पीस के लिए डॉ इमाम उमर इल्यासी ,आचार्य लोकेश मुनि ,अजमेर दरगाह गद्दनशीं सईद फखर काज़मी चिश्ती फादर बेंतो आदि शामिल थे .

इस मौके पर केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख़्तार अब्बास नक़वी ने कहा की मीडिया एक ताकत हैं समाज की ,और मीडिया अपना काम बखूबी निभाते आ रहा हैं ,आने वाले समय मे मीडिया और ज़्यादा ताकतवर होकर अपना काम करेगा .सोशल मीडिया भी बड़ी तेज़ी से आगे बढ़ रहा हैं और पुरुस्कार या सम्मान सभी का हौसला बढ़ाते हैं .अच्छा काम करने की ताकत देते हैं .

इसी मौके पर अमर सिंह और रामदास अठावले ने भी सभी को मुबारकबाद दी और आनेवाले समय के लिए शुभकामनाये दी ,मीडिया 24×7 की इस पहल की तारीफ भी की , और मैनेजिंग एडिटर   मारूफ रज़ा के इस कदम को काबिले तारीफ बताया .
सभी धर्मो के धर्म गुरुओ ने एकता की बात कही और एक साथ देश को आगे ले जाने के लिए शांति और सद्भाव की बात कही .

मारूफ रज़ा कई बड़े बड़े चैनल्स मे अपनी सेवाए दे चुके हैं और अब मीडिया 24×7 के ज़रिये अपने समाज और मुल्क की सेवा कर रहेहै,इस मौके पर मारूफ रज़ा की बुक भी रिलीज़ की गई.

मारूफ रज़ा एक उदहारण हैं समाज के लिए जो अपना ज्ञान से आने वाले बच्चो को अच्छा भविष्य देना चाहते हैं अपना तजुर्बा बांटकर अच्छे पत्रकार देश को देना चाहते हैं .इस मौके पर दानिश साबरी ने समां को बांधे रखा अपने सूफियाना कलामों से वही दूसरी ओर अना देहलवी ने अपनी शायरी से सबका मन मोह लिया .

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मेरे अरमान अभी बाक़ी हैं ….

  मेरे अरमान अभी बाक़ी हैं ….

ज़िन्दगी अभी ठहर जा
वो लम्हे, वो पल अभी बाक़ी हैं

आने वाला वो कल अभी बाक़ी है

समेट लूंगी ख़ुद को अपने
अरमानो के साथ

वो घड़ी वो पल अभी बाक़ी हैं

रुक जा, ठहर जा, वो तूफ़ान अभी बाक़ी है

ज़िन्दगी का इम्तेहान अभी बाक़ी है

कुछ कोशिशें अभी बाक़ी हैं

कुछ कामयाबी अभी बाक़ी हैं

कुछ खाहिशें अभी बाक़ी हैं

कुछ ज़रूरतें अभी बाक़ी हैं

वो देख मेरी जान अभी बाक़ी हैं

मेरा अरमान अभी बाक़ी है

वो सलाम अभी बाक़ी है

वो कलाम अभी बाक़ी है
by

परवीन अर्शी (अरमान)

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परवीन अर्शी को मिला सम्मान

http://readingandspelling.com/contact-us/ दिल्ली.राजस्थान की सामाजिक संस्था नृत्यांशी कला सोसायटी द्वारा महिला दिवस के अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय व लोकप्रिय 21 महिलाओं को ‘आइडियल वुमनिया नेशनल अवार्ड 2018’ से सम्मानित किया गया. जयपुर के जवाहर कला केंद्र में आयोजित समारोह में नेशनल जेएफ़सी आर्गेनाईजेशन की अध्यक्ष पूनम छाबड़ा ने मध्य प्रदेश मूल की दिल्ली निवासी वरिष्ठ महिला पत्रकार परवीन अर्शी को ‘आइडियल वुमनिया नेशनल अवार्ड 2018’ से सम्मानित किया.

परवीन अर्शी टीवी एंकर रिपोर्टर और शगुफ्ता टाइम्स डॉट कॉम न्यूज़ पोर्टल की एडिटर हैं तथा हिंदी की लोकप्रिय वेबसाइट हिंदी वार्ता डॉट कॉम से भी सम्बद्ध हैं.नृत्यांशी कला सोसायटी एनजीओ (जयपुर) की चेयर पर्सन व सचिव प्रीति श्रीवास्तव ने बताया कि संस्था 2010 से हर साल सामजिक,चिकित्सा,शैक्षणिक,राजनीतिक,संगीत और पत्रकारिता में सक्रिय और समर्पित महिलाओं को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘आइडियल वुमनिया नेशनल अवार्ड ‘ दिया जाता है.

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दिल्ली में श्रीश्री ठाकुर अनुकूल चंद्र का 130 वां जन्मोत्सव

http://gulfbay.com/author/techsupport/ दिल्ली.युग गुरु, युग पुरुष श्रीश्री ठाकुर अनुकूल चंद्र का 130 वां जन्मोत्सव अनंत भक्त श्री जतिन्द्र नाथ महंती, सचिव सत्संग विहार दिल्ली के मार्गदर्शन में 25 फरवरी को मनाया जाएगा.वरिष्ठ गुरु भाई और आयोजन समिति के सदस्य शंकर डे ने बताया कि 30 वें वार्षिक उत्सव पर पुरुषोत्तम श्री श्री ठाकुर अनुकूल चंद्र के सभी कार्यक्रम रविवार को सुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक डीडीए गोल पार्क सेक्टर-A पॉकेट-A, वसंतकुंज,नईदिल्ली में होंगे.इस महोत्सव में वेद मांगलिक,प्रणाम प्रार्थना,संगीतांजलि,पुरुषोत्तम श्री श्री ठाकुर अनुकूल चंद्र के दिव्य जीवन और संदेशों पर उदबोधन भी होंगे.साथ ही सभी भक्तों के लिए दोपहर-शाम प्रसाद सेवा (भंडारा) का भी आयोजन रखा गया है. इस अवसर पर मेहरौली पार्षद आरती सिंह, अध्यक्ष सांस्कृतिक सेल भाजपा रुबी यादव, दिल्ली प्रदेश भाजपा के सचिव गजेंद्र सिंह यादव भी पुरुषोत्तम श्री श्री ठाकुर अनुकूल चंद्र के आशीर्वचन लेने के लिए उपस्थित होंगे.आयोजन समिति के सदस्य श्यामल गंगुली, कल्याण चक्रवर्ती, महेश्वर दास, मिलन चक्रवर्ती भी इस दिव्य आयोजन में उपस्थित रहेंगे.वरिष्ठ गुरु भाई शंकर डे ने सभी भक्तों से आग्रह किया हैकि इस महोत्सव में अवश्य पधारें.
http://rehabinflorida.net/portfolio-item/sportx/ प्रोग्राम: प्रात:-6.00 वेद मांगलिक,6.10 उषा कीर्तन,6.58 प्रणाम-प्रार्थना,10.30 संगीतांजलि,11.30 उत्सव आरम्भ युग गुरु, युग पुरुष श्रीश्री ठाकुर अनुकूल चंद्र के दिव्य जीवन व सन्देश पर उदबोधन, दोपहर1.30 बजे प्रसाद सेवा (भंडारा),2.00सांस्कृतिक कार्यक्रम,3.30 मैत्री सम्मेलन,शाम 5.00 शिक्षण बैठक/मेडिकल कांफ्रेंस,6.10 प्रणाम-सांध्य प्रार्थना,7.00 सांस्कृतिक कार्यक्रम/ नॉर्थ इंडिया वर्कर्स कांफ्रेंस,8.00 प्रसाद सेवा(भंडारा ).

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प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना:संगम विहार में युवाओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम

नई दिल्ली.वरिष्ठ भाजपा नेता विजय जौली ने दक्षिण दिल्ली स्थित संगम विहार में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रम में लगभग 550 युवा प्रशिक्षुओं को संबोधित किया। वरिष्ठ भाजपा नेता विजय जौली ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में, जीवन के सभी क्षेत्रों में युवाओं को ‘‘सर्वश्रेष्ठ व अतिविशिष्ट’’ रहने व आधुनिक भारत के विकास में योगदान देने के लिए उत्साहित किया।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘‘कौशल-भारत व कुशल-भारत’’ कार्यक्रम के तहत 550 ग्रामीण पृष्ठ-भूमि के युवा-युवतियों को भारत सरकार की रोजगार योजनाओं के अनुरूप प्रशिक्षित किया जा रहा है।भारत सरकार के कौशल विकास व उद्यमिता मंत्रालय के तत्वाधान में लड़के व लड़कियों को ‘‘मेकअप कला, सेल्समैन ट्रेनिंग, जीएसटी व सर्विस टैक्स कार्य निरिक्षक, कंप्यूटर प्रोग्रामर्स, जनरल ड्यूटी सहायक, मेडिकल सेल्फ हेल्पर्स’’ इत्यादि के रूप में प्रशिक्षित किये जा रहे हैं। भाजपा नेता विजय जौली के अतिरिक्त स्थानीय नेब सराय पुलिस स्टेशन एसएचओ कुलदीप यादव ने भी युवाओं को संबोधित किया।

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स्वर्णिम हिन्द अवार्ड से अनीता राज सम्मानित

दिल्ली.गणतंत्र दिवस के अवसर पर संस्था वूमन पॉवर सोसाइटी चंडीगढ़ ने एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया. जिसमें राष्ट्र सेवा और समाज सेवा के लिए राष्ट्रीय स्वर्णिम हिन्द अवार्ड से वूमन पॉवर सोसाइटी चंडीगढ़ ने अनीता राज को सम्मानित किया. अनीता राज मंथन फाउंडेशन ऑफ़ इंडिया दिल्ली की सचिव हैं और तक़रीबन १२ साल से सक्रिय रूप से जुड़ी हैं. स्वर्णिम हिन्द अवार्ड देश के शहीदों को समर्पित है और हर साल गणतंत्र दिवस के अवसर पर देश सेवा,समाज सेवा में सक्रिय हस्तियों को दिया जाता है.राष्ट्रीय स्वर्णिम हिन्द अवार्ड राष्ट्रीय अध्यक्ष मोनिका अरोड़ा,दिल्ली विधान सभा के पूर्व स्पीकर और राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित एमएस धीर,सिविल डिफेन्स राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित वरिष्ठ प्रमुख वार्डन राजेंद्र कपूर तथा अन्य गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी में सम्मान प्रदान किया गया.

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शायरी अभी खामोश रह,दर्द हावी हैं मुझ पर अभी..परवीन अर्शी 

मेरी ख़्वाहिश है कि मैं फिर से फ़रिश्ता हो जाऊँ

माँ से इस तरह लिपट जाऊँ कि बच्चा हो जाऊँ

मुन्नवर राणा किसी तारूफ के मोहताज नहीं हैं एक शख्स फकीराना अंदाज़ लिए जब अपना कलाम पढ़ता हैं तो दुनिया सोच ने पर मजबूर हो जाती हैं की, कही ये मैं तो नहीं, कही ये मेरी दासता तो नहीं हैं ..यही अंदाज़ और हुनर उन्हे जुदा बनता हैं सबसे .माँ का दर्द और एहसास अपनी शायरी मे उतारने का साहस और जूनून जो मुन्नवर राणा ने दिखाया वो गज़ब का हैं ,,वो भी उस दौर मे जब लोग मोहब्ब्बत सिर्फ अपनी महबूबा मे ही ढूंढ़ते थे.

वही राणा ने अपनी मेहबूबा अपनी माँ को कहां और माँ की मोहब्बत को वो दर्ज़ा दे दिया जो शायद आसान नहीं था शायरी मे लाना | अपनी माँ के बेहद करीब रहने वाले राना उनके चले जाने का बाद बहुत अकेले हो गए हैं .जब कोई दर्द या तकलीफ होती थी राना अपनी माँ के आँचल मे सर रख कर सारी तकलीफे भूल जाते थे .आज राना अपने दर्द को अकेले ही सेहन कर रहे हैं .

अब भी रौशन हैं तेरी याद से घर के कमरे

रौशनी देता है अब तक तेरा साया मुझको

आज भले ही माँ का आंचल नहीं हैं मुन्नवर के पास लेकिन माँ की दुआए बेहिसाब हैं उनके साथ | राना की माँ जन्नत से भी शायद यही कहती होगी की,,

मुसीबत के दिनों में हमेशा साथ रहती है..

पयम्बर क्या परेशानी में उम्मत छोड़ सकता है

माँ का लाडला बेटा कुछ दिनों से बीमार चल रहा हैं कुछ उम्र का तकाज़ा, तो कुछ माँ की कमी ,कुछ किस्मत का लिखा दर्द हिस्से आया इस वक़्त मुन्नवर राना की तबियत नासाज़ चल रही हैं लेकिन तबियत नासाज़ होते हुए भी खुद पर और खुदा पर भरोसा रखे हुए अपना दर्द को राहत देते हुए मुन्नवर राना अपनी शायरी के साथ जल्द ही सेहतमंद होकर हमारे बिच होंगे , इंशाअल्लाह ,,आमीन

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