अल्पसंख्यक मंत्रालय को झटका,बिना मेहरम के हज की अनुमति नहीं

दिल्ली. कुछ समय पहले अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने नई हज नीति के चलते मोदी सरकार तीन तलाक के बाद अब मुस्लिम महिलाओं को एक और तोहफा दिया था कि मोदी सरकार की नई हज नीति के तहत मुस्लिम महिलाएं बिना किसी मेहरम (पति, पिता या भाई) के भी स्वतंत्र रूप से हज यात्रा कर सकेंगी.

भारत यात्रा पर आए सऊदी अरब स्थित हरम मक्की के मुफ़्ती प्रोफेसर डॉ वसीउल्लाह अब्बास ने इंकार करते हुए कहा है कि मेहरम के बगैर औरतों का हजयात्रा पर जाना नाजायज़ है. मुफ़्ती ने स्पष्ट करते हुए कहा कि औरत चाहे कितनी ही बूढी क्यों न हो जाए, हजयात्रा के लिए मेहरम साथ होना जरूरी है.

मुफ़्ती वसीउल्लाह अब्बास भारत के दौरे पर 

हरम मक्की के मुफ़्ती प्रोफेसर डॉ वसीउल्लाह अब्बास जमीअत अलअरबिया अलहिंद की निमन्त्रण पर औरंगाबाद के दौरे पर आए हैं.उसने मीडिया से बातचीत करते हुए यह कहा कि सऊदी सरकर ने मेहरम के बगैर हजयात्रा की इजाजत नहीं दी है. मुफ्ती हरम के बयान से यह मामला उलझ गया है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा सरकार मुफ्ती हरम के बयान पर कैसी प्रतिक्रिया देती है.

नई हज नीति में किया था बदलाव

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय की ओर से पिछले दिनों हज पालिसी में बदलाव करते हुए ऐलान किया गया था कि 45 साल से ज्यादा की उम्र की औरतें चार के ग्रुप में बगैर किसी मेहरम के हज पर जा सकती हैं।अभी तक कोई भी मुस्लिम महिला अपने खून के रिश्ते वाले रिश्तेदार के बिना हज पर नहीं जा सकती थी। सऊदी अरब भी 45 और इससे अधिक उम्र की महिलाओं को हज के लिए प्रवेश की अनुमति देता है.

भारत के आलिमों ने कहा था

जब भारत के आलिमों ने इसे गैर-शरइ बताया तो उन्हें औरतों की आज़ादी और तरक्की का विरोधी बतलाया गया. इस मामले में केन्द्रीय मंत्री मुख़्तार अब्बास नकवी ने खुलासा किया था कि अन्य देशों की महिलाएं भी इस तरह हज कर रही हैं और सऊदी सरकार ने खुद इस की पहल की है.बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अमल करते हुए नई हज नीति में सब्सिडी की व्यवस्था खत्म करने को भी हरी झंडी दे दी है।

हज रवानगी सेंटर

इस नई नीति में हज यात्रियों को देश में बेहतर सुविधाएं देने पर जोर दिया गया है. इसके लिए हज रवानगी स्थलों की संख्या 21 से घटाकर नौ की जाएगी. इनमें दिल्ली, लखनऊ, कोलकाता, अहमदाबाद, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद, बेंगलुर और कोच्चि शामिल हैं.इन जगहों पर सरकार अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हज हाऊस का निर्माण करेगी. जो प्रस्थान स्थल इस सूची से बाहर हैं. वहां हज यात्रियों के लिए बनी सुविधाओं का इस्तेमाल शैक्षिक गतिविधियों के लिए किया जाएगा.

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