मंथन फाउंडेशन ने प्रतिभाओं का किया सम्मान

परवीन अर्शी ‘तेजश्विनी अवार्ड’ से सम्मानित

दिल्ली.मंथन फाउंडेशन ऑफ इंडिया ने अपनी पांचवीं वर्षगाँठ पर ‘एक शाम देश के नाम’ ईस्ट ऑफ कैलाश स्थित आर्य आडिटोरियम में आयोजित की गई. कार्यक्रम कीअध्यक्षता आल इंडिया आतंकवाद विरोधी फ्रंट के चेयरमैन मनिंदरजीत सिंह बिट्‌टा ने करते हुए कहा कि जो देश के आत्म सम्मान के लिए काम करेगा मेरा उसे पूरा समर्थन पीएम मोदी देश के आत्म सामान और प्रतिष्ठा के लिए जो कार्य किये हैं मैं उसकी तारीफ़ करता हूँ.

मैं उनसे कभी मिला नहीं और ना मिलने की ख्वाहिश है.लेकिन उनके प्रधानमंत्री रहते हुए हमारी फ़ौज पाकिस्तान और चीन को जो सबक़ सिखाया है वह प्रशंसनीय है. इससे हमारी मातृभूमि का विश्व में सम्मान बढ़ा है.एम्एस बिट्टा ने कहा कि आज़ादी की जंग में हिन्दू-मुस्लिम ने बराबरी से हिस्सा लिया.भगत सिंह- अशफ़ाक़ उल्लाह ने जो क़ुरबानी दी वो किसी धर्म के लिए नहीं थी.उनकी क़ुर्बानियां मातृभूमि को समर्पित थी.

समारोह में हिंदी वार्ता की विशेष संवाददाता,शगुफ्ता टाइम्स की संपादक बेबाक पत्रकार परवीन अर्शी को ‘तेजश्विनी अवार्ड’ दे कर सम्मानित किया गया. इसके अलावा आजतक,जी न्यूज़,न्यूज़ नेशन,जागरण,जनता टीवी के पत्रकार भी सम्मानित किये गए.समारोह में फाउंडेशन के नेशनल चेयरमैन सुशील कुमार की गरिमामय उपस्थिति में स्पेशल चिल्ड्रन की प्रस्तुति सरहनीय रही.बच्चों ने फिल्म पुकार के गीत ‘एक तू ही भरोसा…’जब पेश किया समारोह में एक ख़ामोशी सी छा गई और लोगों की ऑंखें नम हो गई.मंथन फाउंडेशन ऑफ इंडिया के स्टेट प्रेजिडेंट राजेंद्र कपूर ने बताया की हम डिफेन्स की नौकरी करते हुए जो मिलता है उसे एनजीओ को समर्पित कर दिया है.फिलहाल हमारे एनजीओ का कार्य क्षेत्र दक्षिण दिल्ली है.फाउंडेशन की सचिव अनीता राज ने बताया की सामाजिक क्षेत्र में काम करने वाली समर्पित हस्तियों-कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित करने के लिए मंथन अवार्ड से उन्हें सम्मानित करते हैं.कार्यक्रम में उपस्थित होकर दक्षिणी दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी) सेंट्रल जोन के चेयरमैन राजपाल सिंह, एसडीएम इलेक्शन्स नीरज धवन,पूर्व दिल्ली विधानसभा स्पीकर मनिंदर सिंह धीर और अन्य गणमान्य अतिथियों ने समारोह को गरिमा प्रदान की.

 

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पीएम मोदी का बर्थडे गिफ्ट, राष्ट्र को समर्पित किया सरदार सरोवर बांध

गांधीनगर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने 67वें जन्मदिन के मौके पर गुजरातवासियों को बर्थडे गिफ्ट दिया.अपने गृह राज्य गुजरात पहुंचे पीएम मोदी ने यहां सरदार सरोवर बांध परियोजना को राष्ट्र को समर्पित किया.

पीएम मोदी के जन्मदिन को ‘सेवा दिवस’ के रूप में मना रही है भाजपा. पीएम मोदी ने सरदार सरोवर बांध का उद्घाटन किया. बांध की ऊंचाई बढ़ने से प्रयोग करने वाली जल क्षमता 4.73 एकड़ फुट (एमएएफ) हो जाएगी, जिससे गुजरात , राजस्थान, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के लोगों को फायदा होगा. इस परियोजना से गुजरात के जल रहित क्षेत्रों में नर्मदा के पानी को नहर और पाइपलाइन नेटवर्क के जरिये पहुंचाने में मदद मिलेगी और सिंचाई सुविधा में विस्तार होगा, जिससे 10 लाख किसान लाभान्वित होंगे.

बांध से कई गावों में पीने का पानी पहुंचेगा और यह चार करोड़ लोगों को फायदा पहुंचाएगा. पीएम मोदी ने पहले भगवान विश्वकर्मा पूजा की पीएम मोदी अपने 67वें जन्मदिन के अवसर पर अपने गृह राज्य गुजरात पहुंचे.हालांकि इलाके में खराब मौसम के चलते पीएम मोदी के हेलीकॉप्टर को दभोई में ही लैंड कराना पड़ा. अब पीएम मोदी सड़क मार्ग से केवड़िया जा रहे हैं और इस कारण कार्यक्रम में करीब 1 घंटे की देरी की हुई.

आपको बता दें कि आज सबसे पहले पीएम गुजरात अपनी मां हीराबेन के पास पहुंचे और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया. पीएम ने अपनी मां संग कुछ समय भी व्यतीत किया और उनके स्वास्थ्य के बारे में बातें की. इसके बाद पीएम मोदी सरदार सरोवर बांध देश को समर्पित करने के लिए रवाना हुए.मोदी आज पीएम मोदी बांध के 30 दरवाजे खोलेंगे। इसके साथ ही पीएम ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का भी दौरा करेंगे. 182 मीटर ऊंची ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ की पहल मोदी ने की थी और वह काफी समय से सरदार सरोवर बांध की ऊंचाई बढ़ाने के भी पक्ष में हैं.

इस बांध की ऊंचाई हाल ही में बढ़ाकर 138.68 मीटर की गई है। इसके बाद पीएम मोदी राष्ट्रीय जनजाति स्वतंत्रता सेनानियों के लिए संग्रहालय की आधारशिला रखेंगे.मोदी बाद में अमरेली जाएंगे, जहां वह एपीएमसी के नए मार्केट यार्ड का उद्घाटन करेंगे. वह मधु उत्पादन केंद्र की आधारशिला और अमर डेयरी के नए प्लांट का उद्घाटन भी करेंगे. वह अमरेली में सहाकार सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे.

 

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निर्भीक और बेबाक विचारों वाली वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की गोली मारकर हत्या

प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया में बुधवार दोपहर तीन बजे हत्या के विरोध

में पत्रकार एकजुट होंगे

परवीन अर्शी

अपने निर्भीक लेखन और बेबाक विचारों की वजह से कर्नाटक में लोकप्रिय वरिष्ठ पत्रकार और संपादक गौरी लंकेश की मंगलवार रात गोली मारकर हत्या कर दी गई.अज्ञात बदमाशों ने बेंगलुरु के राजराजेश्वरी नगर में स्थित उनके घर में घुसकर वारदात को अंजाम दिया. रात तकरीबन आठ बजे उनके घर के दरवाज़े पर बेहद करीब से उन्हें तीन गोलियां मारी गईं.दिल्ली के प्रेस क्लब में बुधवार दोपहर तीन बजे इस हत्या के विरोध में पत्रकार एकजुट हो रहे हैं.
कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल, केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी महिला पत्रकार की हत्या पर शोक व्यक्त किया. कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने ट्वीट किया, ‘गौरी की हत्या उन लोगों को चुप कराने का प्रयास है, जो विपरीत विचार रखते हैं. यह दुर्भाग्यपूर्ण है.’ केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने पत्रकार की हत्या पर शोक व्यक्त किया है. दिल्ली में प्रेस क्लब ऑफ इंडिया और विमन्स प्रेस क्लब (आईडब्ल्यूपीसी) ने वरिष्ठ पत्रकार गौरी की हत्या की कड़े शब्दों में निंदा की है.
कर्नाटका के पुलिस कमिश्नर सुनील कुमार के अनुसार ‘मंगलवार शाम गौरी जब अपने घर लौट रही थीं, तब उनके घर के बाहर ये हमला हुआ. ये हमला किस वजह से किया गया, इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता.नाम ज़ाहिर नहीं करने की शर्त पर पुलिस अधिकारियों ने बताया, ”गौरी जब राज राजेश्वरी नगर में अपने घर लौटकर दरवाज़ा खोल रही थीं, तब हमलावरों ने उनके सीने पर दो और सिर पर एक गोली मारी.”

रिपोर्ट के अनुसार, कर्नाटक में संघ परिवार की सांप्रदायिक राजनीति के ख़िलाफ़ लेखन के चलते पिछले कुछ दिनों से वह कुछ लोगों के निशाने पर थीं. राज्य में कांग्रेस शासन है और अगले साल यहां चुनाव होने हैं.‘गौरी लंकेश पत्रिके’ नाम की साप्ताहिक मैगजीन की संपादक थीं. इस मैगजीन को ‘व्यवस्था विरोधी’ प्रकाशन के रूप में जाना जाता है.गौरी ने लंकेश पत्रिका के जरिए ‘कम्युनल हार्मनी फोरम’ को काफी बढ़ावा दिया. लंकेश पत्रिका को उनके पिता ने 40 साल पहले शुरू किया था और इन दिनों वो इसका संचालन कर रही थीं.
गौरी के पिता पी लंकेश एक पुरस्कार विजेता फिल्ममेकर थे, जिन्होंने 1980 में लंकेश पत्रिका शुरू की थी. गौरी की उम्र 55 साल थी.गौरी की परिवार में उनकी बहन कविता लंकेश, भाई इंद्रेश और मां हैं. कविता लंकेश राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता हैं.
कन्नड़ लेखक मुरलीसिडप्पा
कन्नड़ भाषा के प्रख्यात लेखक मुरलीसिडप्पा ने बताया कि उनकी हत्या की ख़बर बेहद भयंकर है. उन्होंने यहां संघ परिवार के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल रखा था. वास्तव में उनकी हत्या हो जाना यह बताता है कि स्थितियां कितनी ख़तरनाक हो चुकी हैं. जिन लोगों ने तर्कवादी नरेंद्र दाभोलकर, गोविंद पानसरे और एमएम कलबुर्गी को मार डाला, उन्हीं लोगों ने गौरी लंकेश की हत्या की है.’पिछले साल नवंबर में गौरी लंकेश को 2008 में लिखे एक लेख की वजह से मानहानि को दोषी पाया गया है. इस लेख को धारवाड़ से भाजपा सांसद प्रहलाद जोशी और भाजपा नेता उमेश दुशी ने आपत्तिजनक कहा था.इस लेख में आरोप लगाया गया था कि भाजपा सांसद भ्रष्टाचार के मामलों में शामिल हैं. लंकेश ने ख़ुद के दोषी होने को चुनौती दी थी जिसके बाद उन्हें ज़मानत मिल गई थी.

राहुल गांधी
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने राहुल ने ट्वीट कर कहा, ‘सच्चाई को कभी खामोश नहीं जा सकता. गौरी लंकेश हमारे दिलों में बसती हैं. मेरी संवेदनांए और प्यार उनके परिवार के साथ हैं. दोषियों को सजा मिलनी चाहिए.

ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पत्रकार हत्या मामले को ‘बेहद दुर्भाग्यपूर्ण’ और ‘खतरनाक’ करार दिया. हिंदुत्ववादी राजनीति के खिलाफ खुलकर विचार जाहिर करने वाली वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की मंगलवार को राज राजेश्वरी इलाके में उनके घर के पर अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी.

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, ”ये बेहद दुखद खबर है. गौरी पत्रकार, लेखक और विकासशील विचारों की थीं. उन्होंने हमेशा कट्टरपंथियों के खिलाफ आवाज़ उठाई थी. ये बेहद दुखद है कि उनकी हत्या कर दी गई.
मैंने पुलिस कमिश्नर से बात करके केस की जांच के लिए तीन टीमें बनाने और मुझे रिपोर्ट देने के लिए कहा है.”

जावेद अख्तर
बॉलीवुड के मशहूर राइटर जावेद अख्तर ने भी ट्वीट करते हुए लिखा कि दाभोलकर, पनसरे, कलबुर्गी और गौरी लंकेश. अगर एक ही तरह के लोगों की हत्या हो रही है तो उनके हत्यारे कौन हैं.

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जीएसटी से देश को नई ताकत मिली:पीएम

लाल क़िले से पीएम ने तिरंगा लहराया
सवा लाख करोड़ का काला धन पकड़ा
नोट बंदी करने से भ्रष्टाचार पर लगाम लगी
सर्जिकल स्ट्राइक पर दुनिया ने भारत का लोहा माना

नई दिल्ली: मंगलवार को देश स्वतंत्रता की 71 वीं वर्षगांठ मना रहा है। पूरे देश में इसे लेकर खुशी और उत्साह का माहौल है। इस अवसर पर जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले पर तरंगा लहराया वहीं, देश के विभिन्न लालकिला पर पीएम नरेंद्र दामोदर मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। राजघाट पहुँच कर उन्होंने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। पीएम ने आपदा से अस्पताल में हुई दुर्घटना में मरने वालों को याद किया।प्रधानमंत्री ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र के नाम सन्देश में कहा… भारत छोड़ो आंदोलन के 75 साल पूरे।स्वतंत्र भारत के लिए यह वर्ष विशेष है।देश के लिए बलिदान देने वालों को सलाम।देश में हम सक्षम, शक्तिशाली, सभी के लिए अवसर के रूप में हम न्यू भारत बना सकते हैं।देश 75 वीं वर्षगांठ तक हम देश में बदलाव ला सकते हैं।सवा सौ करोड़ नागरिक न कोई छोटा है न कोई बड़ा।देश में रिकॉर्ड फसल उत्पादन।नोट बंदी करने से भ्रष्टाचार पर लगाम लगी।नोटबंदी करने के समय लोगों ने धैर्य दिखाया।लोकतंत्र वोट तक सीमित नहीं किया जा सकता।देश में मिडिल क्लास को कई लाभ मिले।गांव-गांव में बिजली पहुंच रही है।महंगाई पर नियंत्रण किया।देश में दोगुनी गति से सड़कें बन रही हैं।आतंकवाद के खिलाफ दुनिया के कई देश हमारे साथ हैं।जीएसटी से देश को नई ताकत मिली।वन रैंक वन पेंशन का सरकार ने वादा निभाया।देश की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता।वर्ष 2018 देश के लिए काफी महत्वपूर्ण।अर्जुन का कृष्ण को संदेश याद कीजिये।गरीबों को लूटने वाले बेचैन हैं।आठ सौ करोड़ की संपत्ति जब्त की गई।देश में ईमानदारी का जश्न।निराशा छोड़ दीजिए, परिवर्तन में विश्वास दीजिए।देश में विकास की गति को कम नहीं होने दिया।बड़े बदलाव की वजह से बाधाओं आती हैं।आस्था के नाम पर हिंसा बर्दाश्त नहीं।तीन तलाक के खिलाफ महिलाओं की मदद।तीन तलाक प्रभावित बहनों ने आंदोलन चलाया।युवाओं को बिना गारंटी लोन दिया।सार्वजनिक भागीदारी से देश को आगे बढ़ाने की कोशिश की है।विदेशी निवेश को बढ़ावा दिया।सिंचाई 21 बड़ी परियोजना पूर्ण किए। अब 50 परियोजना को पूरा करने हैं।सर्जिकल स्ट्राइक पर दुनिया ने भारत का लोहा माना।तीन लाख कंपनियां केवल सेल कंपनी हैं और संदर्भ के व्यवसाय करती हैं।दो लाख करोड़ तक काले धन को बैंकों तक पहुंचना पड़ा।सवा लाख करोड़ का काला धन पकड़ा गया।

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गुमनाम शहीदों को भूलकर,आओ जश्ने आज़ादी मनाएं

 

एडिटोरियल

परवीन अर्शी,एडिटर,शगुफ्ता टाइम्स

आज हमारा वतन आज़ाद है। इस आज़ादी को हमारे बुज़ुर्गों ने कितनी मुश्किल से हासिल किया इसे सिर्फ वही समझ सकता है जिसने अपने वतन के लिए कुछ किया हो. सिर्फ वतन परस्ती की नुमाइश करने से क़ुरबानी नहीं होती है इसके लिए दिल से मातृभूमि से प्यार करना ज़रूरी है. टीपू सुल्तान ने अंग्रेजों के खिलाफ जो अकेले संघर्ष शुरू किया था वह भारत के दूसरे राजों महाराजाओं,नवाबों की ओर से किसी तरह की मदद न मिलने की वजह से कामयाब नहीं हो सका था. यही वजह रही कि भारत में अंग्रेजों को लंबे समय तक शासन करने का मौका मिल गया था। इस लम्बी हुकूमत के पीछे वतन के उन गद्दारों का साथ मिला जो वतन परस्तों के दुश्मन थे. इन गद्दारों की मुखबरी पर हज़ारों – लाखों वतनपरस्तों को अंग्रेज़ों ने फांसी पर लटका दिया,इन गुमनाम शहीदों में से सिर्फ दो-तीन फीसद को ही हम याद करते हैं.गांधीजी हों कि पंडित नेहरू हों ‘मौलाना अबुलकलाम आज़ाद हों कि अली ब्रदर्स हों शहीद भगत सिंह हों कि अशफाक उल्लाह ख़ां शहीद हों ‘या फिर मौलाना मोहम्मद अली जौहर हों सभी ने पूरी ईमानदारी से आज़ादी के लिए भूमिका निभाई थी जिसकी वजह से अंग्रेजों को हुकूमत करना दुश्वार कर दिया था. आज हम आज़ादी की ७१वीं साल गिरह मना रहे हैं.देश की गरीब जनता को आज तक अपनी बुनियादी समस्याओं से निजात नहीं मिली है। आज भी गरीब आदमी रोटी,कपड़ा और मकान से जूझ रहा है लेकिन सारी सरकारें मौन हैं,उन्हें सिर्फ हुकूमत चाहिए. जब भी इलेक्शन नज़दीक होते हैं आम आदमी को थोड़ी सी जाति – धर्म की अफीम दे दी जाती है. बस बरसों से ये मुल्क इसी तरह दौड़ रहा है और आगे भी ये सफर यूँ ही जारी रहेगा. बहरहाल,हम जश्ने आज़ादी मनाएं. आज़ादी का ये दिन मुबारक हो…..

 

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फ़ौज पर फिर हमला दो जवान भी शहीद

तीन आतंकी मारे गए

श्रीनगर. जम्मू कश्मीर के शोपियां ज़िले में तीन आतंकियों को मार गिराया है. मुठभेड़ में सेना के 2 जवान भी शहीद हो गए हैं. वहीं एक दूसरी घटना के दौरान बांदीपोरा में आतंकियों ने पुलिस सर्च पार्टी पर हमला किया. इस हमले में पुलिस के दो जवान घायल हुए हैं. पुलिस ने बताया कि शनिवार को आतंकवादियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिलने के बाद राष्ट्रीय राइफल्स, पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) सहित सुरक्षा बलों ने शोपियां के अवनीरा गांव में घेर लिया, आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी.इस फायरिंग में दो जवान शहीद हो गए. कुछ जवान घायल है.

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यूपी में महिलाओं को भी वक्फ संपत्तियों का मुतवल्ली बनाया जाए

मोहसिन रजा की शिया-सुन्नी वक्फ बोर्ड से मांग

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री मोहसिन रजा ने शिया और सुन्नी वक्फ बोर्ड महिलाओं को भी मुतवल्ली बनाने की मांग की है। श्री रजा ने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के दौर में उन्हें मुतवल्ली क्यों नहीं बनाया जा सकता। महिलाएं भी वक़्फ़ जायदाद की मुतवल्ली बन सकती हैं, लेकिन उन्हें इमाम नहीं बनाया जा सकता।


अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री ने कहा कि शिया और सुन्नी वक्फ बोर्ड का महिलाओं को भी मुतवल्ली बनाना होगा। मुतवल्ली केवल पुरुष ही क्यों , महिलाएं क्यों नहीं। उन्होंने दोनों बोर्डों में महिला कर्मचारियों की नियुक्ति भी आवश्यक बताई।
उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के दो तरीके होते हैं, पहला अली अल औलाद दूसरा अली अल खैर। अली खैर सरकारी ट्रस्ट होता है जबकि अली अल औलाद घरेलू। अली अल औलाद में अनुबंध के अनुसार परिवार का ही सदस्य हो सकता है, जबकि अली अल खैर में समाज के किसी भी व्यक्ति को सदस्य या मुतवल्ली बनाया जा सकता। महिला भी ट्रस्ट में सदस्य या मुतवल्ली हो सकती हैं। बोर्डों को इस पर विचार करना चाहिए।
श्री रजा ने दावा किया कि राज्य में एक लाख 25 हजार वक्फ संपत्तियों हैं और ज़्यादातर बोर्ड पर अवैध कब्जा है। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड की कई संपत्तियों को औने-पौने दाम में बेच दिया गया। भ्रष्टाचार की वजह से बोर्ड की हालत खराब है, जो बोर्ड के पास अरबों की संपत्ति है उनके खातों में केवल कुछ रुपये हैं।

 

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बाबरी विवाद: आज से सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

 

नई दिल्ली: बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि भूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार से सुनवाई शुरू की जाएगी। यह मामला विवादित 2.77 एकड़ जमीन के मालिकाना हक को लेकर है। 2010 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमीन को तीन भागों में विभाजित कर दिया था।हाईकोर्ट के इस फैसले कोसभे पक्षों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने जमीन का एक टुकड़ा रामलला विराजमान, निर्मोही अखाड़ा और यूपी सुन्नी वक्फ बोर्ड को दे दिया था। सभी पक्षों द्वारा फैसले को चुनौती देने की वजह से विवादित भूमि पर ज्यों की त्यों स्थिति बरकरार है। हालांकि विवादित ज़मीन पर निर्माण अस्थायी मंदिर में पूजा करने की अनुमति है।


बाबरी मस्जिद – राम जन्मभूमि भूमि विवाद पर आज यानी शुक्रवार 11अगस्त दोपहर दो बजे सुप्रीम कोर्ट में तीन न्यायाधीशों की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई करेगी। बेंच में जस्टिस दीपक मिश्रा और जस्टिस अशोक भूषण और न्यायमूर्ति अब्दुल नज़ीर होंगे। इस मामले में कई पक्ष हैं, जिन्होंने विवादित ज़मीन पर मालिकाना हक होने का दावा किया है। सुप्रीम कोर्ट में सभी पक्षों को सुना जाएगा।मालिकाना हक के अलावा बाबरी मस्जिद को शहीद करने को लेकर भी आपराधिक मुकदमा लखनऊ की विशेष अदालत में चल रहा है। इस मामले में लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी सहित भाजपा और आरएसएस के कई नेताआरोपी हैं।

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हुस्न आरा ट्रस्ट ने मनाया जश्ने भारत

डॉ. त्रेहान, मीनू बख्शी और डॉ तलत अहमद को फ़ख़रे हिन्द सम्मान 

परवीन अर्शी दिल्ली।इंडिया इस्लामिक सेंटर में आज़ादी की 71वीं सालगिरह हुस्न आरा ट्रस्ट द्वारा मनाई गयी. जश्ने भारत के इस आयोजन में दिल्ली की जानी मानी शख्सियतों की मौजूदगी में ह्रदय रोग विशेषज्ञ डॉ. त्रेहान, शायरा,सिंगर,प्रोफेस्सर मीनू बख्शी और डॉ तलत अहमद को फ़ख़रे हिन्द सम्मान से सम्मानित किया गया। वित्त सचिव और शौकिया फोटोग्राफर अशोक लवासा को भी उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया. जश्ने भारत का हौसला बढ़ाने के लिए अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय के मंत्री मुख्तार अब्बास नक़वी ने शिरकत कर कार्यक्रम आये गणमान्यजनों से कहा कि हुस्न आरा ट्रस्ट जश्ने भारत की तर्ज़ पर आयोजन होना चाहिए. दीप रोशन कर मुख्य अतिथि मुख्तार अब्बास नक़वी ने जश्ने आज़ादी की मुबारकबाद देते हुए लोगों का अभिवादन किया.इस अवसर पर वित्त सचिव अशोक लवासा व नावल लवासा के द्वारा खिंचे गये फ़ोटो प्रदर्शनी भी संयोजित की गई.। प्रोफेसर मीनू बख्शी की किताब ‘मौजे सराब’ भी मेहमानों में वितरित की गयी।

हुस्न आरा ट्रस्ट के आयोजक हैदर कमाल व कमिश्नर नजीब अशरफ ने बुके पेश कर मेहमानों का स्वागत किया. जश्ने भारत के इस बहुआयामी आयोजन की अध्यक्षता पूर्व राज्यपाल सय्यद सिब्ते हसन रज़ी ने की और प्रोफेसर मीनू बख्शी ने वतन परस्ती से सराबोर ग़ज़लें पेश कर श्रोताओं से दाद हासिल की.इसके अलावा मलिका ए तरन्नुम मोहतरमा अनिता संघवी की दिलकश आवाज़ में देशभक्ति के नग्मों को सुना और पसंद किया. अनिता जी ने सूफियाना कलाम और ग़ज़लें भी पेश कीं. स्वागत भाषण में संयोजक डॉ. मोहसिन वली(सदस्य इंडियन हेरिटेज एन्ड हेल्थ केयर सेंटर) ने आज़ादी में शहीदों के बलिदान को याद किया. विशेष अथिति चीफ इनकम टैक्स कमिश्नर अबरार अहमद,पूर्व इलेक्शन कमिश्नर बी बी पाण्डे,मौलाना आज़ाद फाउंडेशन के सरबराह शाकिर हुसैन, जस्टिस खान,मेजर जरनल ज़मीर उद्दीन शाह, एसएस पी लव कुमार, कमर अहमद, एसएम खान, प्रोफेसर शाहिद मेहदी,डॉ माजिद देवबंदी,अश्जेय रज़ा ज़ैदी,नदीम अब्बास ज़ैदी और डॉ. लोहाटी ने भी कार्यक्रम जश्ने भारत में शिरकत कर ट्रस्ट के हौसलों को गति दी.

 

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हक़ीक़त: कैसे बने मोदी दुनिया के सबसे लोकप्रिय राजनेता


नरेंद्र मोदी पर भारत की 73% जनता का भरोसा

‘नरेंद्र मोदी पर भारत की 73% जनता भरोसा’ इस खबर को हर अख़बार और वेबसाइट ने छापा, हर चैनल ने दिखाया है यानी नरेंद्र मोदी दुनिया के सबसे लोकप्रिय राजनेता है। इनमें मोदीभक्त और तथाकथित प्रगतिशील चैनल और साइट भी हैं।
खबर की हक़ीक़त
यह ख़बर फ़ोर्ब्स इंडिया पत्रिका के हवाले से छपी है। फ़ोर्ब्स इंडिया पत्रिका की मालिक कंपनी का नाम नेटवर्क 18 है। नेटवर्क 18 का 100% स्वामित्व इंडियन मीडिया ट्रस्ट के पास है। इस ट्रस्ट का 100% स्वामित्व रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के पास है। जो कि आप जानते हैं कि मुकेश अंबानी की कंपनी है, जिनका नरेंद्र मोदी से याराना न मोदी छिपाते हैं, न अंबानी। फ़ोर्ब्स इंडिया ने यह रिपोर्ट OECD यानी ऑर्गनाइज़ेशन फ़ॉर इकोनॉमिक को-ऑपरेशन एंड डेवलपमेंट की 282 पेज की एक रिपोर्ट से उठाई है। रिपोर्ट का नाम है ‘गवर्नमेंट एट ए ग्लांस 2017 ‘। इस रिपोर्ट के पेज 214 में लिखा है कि यह आँकड़ा गैलप वर्ल्ड पोल से आया है।
इसी रिपोर्ट में लिखा है कि इसके लिए पोल कंपनी हर देश के 1,000 लोगों से बात करती है। य़ह एक देश में अधिकतम 2,000 लोगों से बात करती है। ऐसे देश चीन और रूस हैं।इस तरह के पोल में शामिल 1,000 लोग किन शहरो के कौन लोग होंगे यह आप समझ सकते हैं।

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