मेरे अरमान अभी बाक़ी हैं ….

  मेरे अरमान अभी बाक़ी हैं …. ज़िन्दगी अभी ठहर जा वो लम्हे, वो पल अभी बाक़ी हैं आने वाला वो कल अभी बाक़ी है समेट लूंगी ख़ुद को अपने अरमानो के साथ वो घड़ी वो पल अभी बाक़ी हैं रुक जा, ठहर जा, वो तूफ़ान अभी बाक़ी है ज़िन्दगी का इम्तेहान अभी बाक़ी है कुछ कोशिशें अभी बाक़ी हैं कुछ कामयाबी अभी बाक़ी हैं कुछ खाहिशें अभी बाक़ी हैं कुछ ज़रूरतें अभी बाक़ी हैं

Read more

शायरी अभी खामोश रह,दर्द हावी हैं मुझ पर अभी..परवीन अर्शी 

मेरी ख़्वाहिश है कि मैं फिर से फ़रिश्ता हो जाऊँ माँ से इस तरह लिपट जाऊँ कि बच्चा हो जाऊँ मुन्नवर राणा किसी तारूफ के मोहताज नहीं हैं एक शख्स फकीराना अंदाज़ लिए जब अपना कलाम पढ़ता हैं तो दुनिया सोच ने पर मजबूर हो जाती हैं की, कही ये मैं तो नहीं, कही ये मेरी दासता तो नहीं हैं ..यही अंदाज़ और हुनर उन्हे जुदा बनता हैं सबसे .माँ का दर्द और एहसास अपनी

Read more

गाने की तरह फिल्म भी हिट होगी …फिल्म पद्मावती के गीतकार ए.एम् तुराज़

परवीन अर्शी की मुलाकात फिल्म ‘पद्मावती’ के गीतकार ए.एम् तुराज़ के साथ… ए.एम् तुराज़ का जन्म 19 सितम्बर,1981 को मुज़फ्फरनगर के सम्भलहेड़ा गांव के मीरानपुर,उत्तरप्रदेश में हुआ.अपनी पढ़ाई ख़त्म करने के बाद तुराज़ ने लेखक बनने की चाहत में मुंबई का रुख किया. • लिखना कैसे शुरू किया ?.. शौक था लिखने पढ़ने का खूब लिखता था मैं और सोचा मेरे सपनों की जगह ,उत्तरप्रदेश नहीं मुंबई है और बस चला आया मुंबई 19 साल की उम्र

Read more

यादों के दायरों में हमेशा रहेंगे आदिल क़ुरैशी

रफ़ीक़ विसाल खान अब ये एक बेलिबास हक़ीक़त है कि आदिल भाई नहीं रहे इसे अंदर से क़ुबूल करने में बरसों लग जाएंगे यानी साँसों की आख़री गिरह जब लगेगी तब ये सिलसिले ख़त्म न होकर ट्रांसफर हो जाएं किसी रूह में.यानी आदिल क़ुरैशी कुछ ऐसी ही बेमिसाल शख़्सीयत के मालिक थे.उनकी बातें,उनकी यादें उनके क़िस्से दोस्तों,अज़ीज़ों,रिश्तेदारों के तज़किरों में हमेशा शफ़्फ़ाफ़ नदी की तरह बहते रहेंगे. उनसे मिलने और बिछड़ने के दर्द का अहसास

Read more

गुणीजन सभा-22 : कथक गुरु नंदिनी सिंह

परवीन अर्शी  दिल्ली.अप्रैल 28, 2017 की उस्ताद इमामुद्दीन खान डागर इंडियन म्यूजिक आर्ट एंड कल्चर सोसाइटी’ और ‘ द डागर आर्काइव्ज़’ द्वारा आयोजित गुणीजन सभा-22की एक शाम यादगार तारीखी भी हो गई जब प्रख्यात कथक गुरु विदुषी नंदिनी सिंह ने शिरकत कर संगीत कला के सुधि श्रोताओं और शिष्यों को ऐसी प्रेरणा दी जिस की महक बरसों यादों में महकती रहेगी.इस मौके पर कथक गुरु नंदिनी सिंह ने कहा भारतीय कला विधाओं जैसे कथक नृत्य

Read more

गोस्वामी गोकुलोत्सवजी महाराज होंगे रूबरू

गुणीजन सभा की 21 वीं पेशकश  परवीन अर्शी  ‘उस्ताद इमामुद्दीन खान डागर इंडियन म्यूजिक आर्ट एंड कल्चर सोसाइटी’ और ‘ द डागर आर्काइव्ज़’ द्वारा आयोजित बहुआयामी कार्यक्रम ‘गुणीजन सभा’ की अनवरत यात्रा का ये 21 वां पड़ाव है. सोसाइटी की अध्यक्ष शबाना डागर ने बताया कि ‘गुणीजन सभा’ का 21 वां आयोजन दिल्ली में 25 मार्च को आयोजित किया जा रहा है. जिसमें खयाल और ध्रुपद गायन के निपुण भारतीय शास्त्रीय गायक पद्मभूषण डॉ. पंडित

Read more

वुसअत इक़बाल: जिसमें है औरत को नई पहचान दिलाने का जज़्बा

महिला दिवस पर ख़ास  •परवीन अर्शी  वुसअत इक़बाल के उस लड़की का नाम है जिसके हाथों में नई औरत की नई पहचान का परचम है जो एक तहरीक,एक मिशन और एक उज्जवल प्रेरणा की प्रतीक है. म्यूजिकल स्टोरी ‘रूदाद ए शीरीन’ ने वुसअत को एक ऐसी अमिट पहचान दी जिसे सदियां भी याद कर फ़ख़्र करेंगी.’रूदाद ए शीरीन’ औरतों का एक ग्रुप शो है, जो हज़रत अमीर ख़ुसरो की ख़ूबसूरत बंदिशों पर आधारित है, इसकी

Read more

डॉक्टर समर हुसैन: गरीब बच्चों को चप्पल पहना कर सुकून मिलता है

महिला दिवस विशेष  डॉक्टर समर हुसैन पेशे से डॉक्टर ज़रूर हैं लेकिन उनका दिल बेसहारा,मासूम गरीब बच्चों को देखकर तड़पता है, वो बेचैनी सी महसूस करती हैं. उन्हें वे सबकुछ तो नहीं दे सकतीं लेकिन जिन नंगे पैरों के कारण उन्हें बीमारियां जकड़ लेती हैं इसलिए समर बाजार, सिनेमा हॉल, तंग बस्तियों में रहने वाले बच्चों को अपने एनजीओ ‘लिटिल हार्ट्स ‘ की तरफ से मुफ्त में चप्पलें देती हैं. डॉक्टर समर हुसैन जानती हैं

Read more

शबाना डागर : ध्रुपद घराने की संघर्षशील बेटी

महिला दिवस विशेष  जयपुर में शबाना आज होंगी सम्मानित शबाना डागर भारतीय संगीत में एक जाना पहचाना नाम है और डागर घराने की ध्रुपद वाणी की बीसवीं पीढ़ी की अलंबरदार हैं.’उस्ताद इमामुद्दीन खान डागर इंडियन म्यूजिक आर्ट एंड कल्चर सोसाइटी’ की अध्यक्ष हैं. इसे उनके वालिद अलीमुद्दीन खान डागर साहब(1978) ने स्थापित किया था जिसे उन्होंने विरासत के रूप में बड़े सलीके और सूझबूझ से आगे बढ़ा रही हैं. इसके जरिए विगत 16सालों से दिल्ली

Read more

डॉक्टर अतीक सिद्दीकी की नई किताब: ‘हिंदुस्तानी विरासत और आसारे क़दीमा’

देश के जाने माने लेखक डॉ. अतीक अनवर सिद्दीकी लंबे समय तक पुरातत्व विभाग में उच्च पद पर रहे हैं और सेवा मुक्त हुए भी काफी समय बीत गया लेकिन उनकी सक्रियता अनंत है। आपके विशेष विषय भारतीय सभ्यता, विरासत और पुरातात्विक हैं। इस तरह आपके पास काफी गहरा अनुभव है, यह किताब उसी का एक छोटा सा आईना है। पहली बार जब इस किताब को अंग्रेजी में लिखा तो उन्हें यह एहसास हुआ इसे

Read more
Skip to toolbar