दिल्ली के दिव्यांशु की फिल्म ‘समर कैम्प’ की शूटिंग नासिक में चल रही है

दिल्ली.दिल्ली के दिव्यांशु फिल्म ‘समर कैम्प’ में अदाकारी करते हुए दिखाई देंगें. फिल्म में दिव्यांशु बनती की भूमिका कर रहे हैं.पूर्वी दिल्ली के हिलवुड स्कूल की 9वीं कक्षा के छात्र दिव्यांशु की इस आगामी फिल्म शूटिंग फिलहाल नासिक के इग्गतपुरी में चल रही है. ‘समर कैम्प’ बच्चों पर आधारित फीचर फ़िल्म है, जिसमें गांव और शहर के बच्चों के दो गैंग हैं, जिन में आपस में विवाद हैं.

इस फ़िल्म में बुजुर्गों के दर्द को भी डायरेक्टर कुणाल वी सिंह ने बखूबी दिखाया है. फिल्म में दिखाया है कि कैसे उन्हें बच्चे छोड़कर विदेश चले जाते हैं।डायरेक्टर कुणाल ने बताया कि ‘समर कैम्प’ दर्शकों को बहुत पसंद आएगी क्यूंकि फिल्म में मनोरंजन के साथ सन्देश भी है. फिल्म अगले साल मई में पूरे देश में रिलीज की जाएगी.

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बॉलीवुड की ‘स्टार मदर’ रीमा लागू का निधन

परवीन अर्शी 

मुंबई। बॉलीवुड में कई नामचीन हीरो की माँ का किरदार अदा करने वाली को-स्टार रीमा लागू नहीं रहीं। हम आपके हैं कौन’, ‘कुछ-कुछ होता है’ और ‘हम साथ-साथ हैं’ जैसी हिट फिल्मों में मां का रोल निभा चुकी बॉलीवुड की फेमस एक्ट्रेस रहीं रीमा लागू का आज मुबह निधन हो गया।
दिल का दौरा पड़ने के बाद उन्हें मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्‍पताल में ही उन्होंने आखिरी सांस ली।बता दें कि रीमा लागू ने कई फिल्मों सलमान खान के साथ काम किया है। रीमा लागू ‘हम आपके हैं कौन’, ‘कुछ-कुछ होता है’ और ‘हम साथ-साथ हैं’ जैसी हिट फिल्मों में मां का रोल निभा चुकी हैं। उनकी नृत्य की मुद्रा में ग्लैमरस पोज भी उनकी पहचान रही है।बड़े पर्दे पर कभी सलमान तो कभी माधुरी दीक्षित की मां का किरदार निभाने वाली रीमा लागू हमारे बीच नहीं रही। हाल ही में मर्दर डे के मौके पर बॅालीवुड की टॅाप आॅन स्क्रीन मां में वह हमेशा टॅाप पर रही।लेकिन जब भी हमने उन्हें छोटे पर्दे पर देखा तो वह कभी तू तू मैंं मैं में कॅामेडी करती हुई सास दिखाई दी। तो कभी नामकरण में सास की निगेटिव भूमिका से सभी को चकित करती नजर आयी।रीमा लागू को बचपन से ही एक्ट‍िंग का शौक था और यही वजह है कि कम उम्र में ही उन्होंने फिल्मों से नाता जोड़ लिया और बाल कलाकार के तौर पर 9 फिल्में कर डालीं. रीमा पर एक्ट‍िंग का फितूर ऐसा था कि उन्होंने अपनी हाई स्कूल की पढ़ाई पूरी करते ही एक्ट‍िंग के क्षेत्र में कदम रख दिया. हालांकि रीमा के घर वाले उन्हें आगे पढ़ाना चाहते थे, पर रीमा के सर पर एक्टिंग का बुखार इतना हावी था कि उन्होंने किसी की नहीं सुनी.

एक दोस्त,एक बहन के जाने का दुःख
अभिनेता रज़ा मुराद ने रीमा लागू को याद करते हुए कहा कि मैंने अपनी अच्छी साथी और दोस्त को खो दिया है. मुझे वे रज़ा भाई के सम्बोधन से खिताब करती थीं और में भी उन्हें अपनी छोटी बहन मानता था. आज का दिन मेरे लिए बहुत उदास है,मैं बहुत दुखी हूँ. अल्लाह उनकी रूह को सुकून दे.आमीन उल्लेखनीय है कि रीमा जी ने रज़ा साहब के साथ ‘संगदिल सनम’,’ह्त्या’,’अपने दम पर’ और आरके बैनर की फिल्म ‘हिना’ में काम किया था.

इसके लिए उनके घर का माहौल ही जिम्मेदार था. दरअसल, रीमा की मां मंदाकिनी भदभडे एक पुरानी मराठी एक्ट्रेस थीं, जो थिएटर और मराठी फिल्में करती थीं.रीमा ने अपने एक्ट‍िंग करियर की शुरुआत भी थिएटर से की. 1970 से 80 के दशक में उन्होंने हिन्दी और मराठी फिल्मों में कदम रखा, जहां उनकी मुलाकात मराठी एक्टर विवेक लागू से हुई.शादी से पहले रीमा लागू का नाम नयन भदभाडे था. शादी के बाद ही उनका नाम बदल कर रीमा लागू हो गया.रीमा ने अपने करियर में 95 से ज्यादा फिल्में कीं और इसके अलावा कई टीवी प्रोग्राम में भी दिखीं. तू तू मैं मैं और श्रीमान श्रीमती काफी लोकप्रिय हुए थे.
बतौर अदाकार रीमा लागू ने कभी भी खुद को किसी बंधने में बांध कर नहीं रखा। लंबे समय बाद महेश भट्ट के शो नामकरण में उनके निगेटिव किरदार ने टीवी की सभी मशहूर लेडी विलेन को पीछे छोड़ दिया था।क्या आपको पता है कि पर्दे के पीछे भी वह अपने सीन को कई बार परफेक्ट करने की कोशिश में खुद की भी फ़िक्र नहीं करती थी। यही वजह है कि एक बार नामकरण के लीप लीने के पहले एक सीन में उन्होंने अपने हाथ जला लिए थे।हुआ यूं कि एक सीन के दौरान उन्हें खुद को आग लगाना था। उन्होंने कॅाटन की साड़ी पहन कर रखी थी। इस वजह से आग उनके साड़ी पर फैलने लगी। उन्होंने तुरंत अपने हाथ से आग को बुझाने की कोशिश शुरू कर दी।इसके कारण उनका हाथ बुरी तरह जल गया। दुर्घटना के तुरंत बाद रीमा जी को उनकी वैनिटी में ड्रेसिंग के लिये भेज दिया गया और पूरे क्रू् ने उनसे आराम करने की गुजारिश की। लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपना काम पूरा किया।
सिर्फ मां और सास
रीमा लागू ने लोकप्रियता केवल सास और मां के किरदार से मिली। खासकर सलमान खान और शाहरूख के मां किरदार में उन्हें सबसे अधिक लोकप्रिया मिली।1985 से डीडी के टीवी शो खानदान से उन्होंने अपना टीवी डेब्यू किया था।1988 में उन्होंने फिल्मों का रूख कर लिया। पहली बार आमिर खान की फिल्म कयामत से कयामत में उन्होंने जूही चावला के मां का किरदार निभाया था।
नई पहचान
1994 में उन्होंने श्रीमान और श्रीमती टीवी शो से नई पहचान बनी। इस यादगार शो में उन्होंने कोकी का दिलचस्प किरदार निभाया।तू तू मैं मैं की सास बहू की कॅामेडी लड़ाई ने सभी का मन मोह लिया। यह 2000 का सबसे लोकप्रिय शो रहा। इसके लिए रीमा को बेस्ट कॅामेडियन का पुरस्कार भी मिला।
सास बहू ड्रामा में दिलचस्पी नहीं
रीमा जी को टिपिकल सास बहू के ड्रामा में कोई दिलचस्पी नहीं थी। उनका फोकस हमेशा से ही अलग तरह के शो के लेकर रहा है। यही वजह है कि उन्होंने टीवी से पांच साल की लंबी दूरी बना ली थी।महेश भट्ट के टीवी शो में सास की निगेटिव भूमिका से उन्होंने सभी चौंका देगा। वह इस शो की शूटिंग कर रही थी। इस बीच उनका आज निधन हो गया।

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अभिनेता-सांसद विनोद खन्ना नहीं रहे

मुंबई.मशहूर बॉलिवुड अभिनेता विनोद खन्ना का निधन हो गया है. 70 वर्षीय खन्ना कैंसर से पीड़ित थे। हाल में उनकी एक तस्वीर भी वायरल हुई थी, जिसमें वे बेहद कमजोर नजर आ रहे थे। गुरुदासपुर से भाजपा के सांसद रहे विनोद खन्ना ने मुंबई के रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल में अंतिम सांस ली।उन्हें 31 मार्च को मुंबई स्थित सर एच एन रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल में भर्ती कराया था। विनोद खन्ना के दो बेटे अक्षय खन्ना और राहुल खन्ना हैं, जो बॉलिवुड में सक्रिय हैं।
खन्ना ने अभिनय की शुरुआज 1968 में फिल्म ‘मन का मीत’ से की। उन्होंने इसके साथ ही उन्होंने ‘मेरे अपने’, ‘मेरा गांव मेरा देश’, ‘इम्तिहान’, ‘इनकार’, ‘अमर अकबर एंथनी’, ‘लहू के दो रंग’, ‘कुर्बानी’, ‘दयावान’ और ‘जुर्म’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय के लिए जाना जाता है। वह आखिरी बार 2015 में शाहरुख खान की फिल्म ‘दिलवाले’ में नजर आए थे।विनोद खन्ना अपने वक्त के सबसे हैंडसम अभिनेताओं में गिने जाते थे। उन्होंने कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों में काम किया। उनका जन्म 1946 में पाकिस्तान के पेशावर में हुआ था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत नकारात्मक किरदारों से की। बाद में वह मुख्यधारा के हीरो बन गए। पहली बार उन्होंने सुनील दत्त की 1968 में आई फिल्म ‘मन का मीत’ में विलेन का किरदार निभाया। शुरुआत के दिनों में वह सह अभिनेता या विलेन के रोल में ही नजर आए। ये फिल्में थीं, पूरब और पश्चिम, सच्चा झूठा, आन मिलो सजन, मस्ताना, मेरा गांव मेरा देश, ऐलान आदि।

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पाकिस्तान ‘दंगल ‘ बिना राष्ट्रगान के दिखाना चाहता है, आमिर का रिलीज से इंकार

सुपर स्टार आमिर खान पिछले साल देश में असहिष्णुता के मुद्दे पर बोलने के बाद निशाने पर आ गये थे। आमिर ने पाकिस्तान में बिना भारतीय राष्ट्र गान के फ़िल्म दिखाने से मना कर दिया है।दरअसल पाकिस्तान सेंसर बोर्ड ने फिल्म ‘दंगल’ से राष्ट्रगीत व राष्ट्रध्वज हटाने की मांग की थी जिसपर आमिर खान ने इंकार करते हुए फ़िल्म चलाने से मना कर दिया है।बताया जा रहा है कि पाकिस्तानी सेंसर बोर्ड ने अभिनेता आमिर खान से फिल्म दंगल के दो सीन हटाने की मांग की थी। एक सीन जिसमें गीता फोगाट को गोल्ड मेडल दिया जा रहा हैं और दूसरा राष्ट्रगान बज रहा है। लेकिन आमिर खान ने सीन हटाने से इंकार कर दिया।आपको बता दें कि उरी हमले के बाद से पाकिस्तान में बॉलीवुड फिल्मों पर रोक लगी हुई थी। लेकिन जैसे ही रोक हटी तो पाकिस्तानी सेंसर बोर्ड से दंगल रिलीज करने की मांग की थी।
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‘भाबीजी…’ की अनु भी शो छोड़ेंगी!

एंड टीवी के लोकप्रिय शो ‘भाबीजी घर पर हैं’ की लीड एक्ट्रेस सौम्या टंडन इस शो को छोड़ कर जा सकती हैं.इससे पहले भी इसी धारावाहिक में निर्माताओं से कुछ मतभेदों के चलते शो की सबसे लोकप्रिय किरदार अंगूरी भाभी (शिल्पा शिंदे) ने ये शो छोड़ दिया था.अब ख़बर है कि अनीता भाभी यानी अनु का किरदार निभाने वाली सौम्या टंडन भी इस शो को अलविदा कहने वाली हैं.चैनल की टीम के अनुसार सौम्या का शो के साथ अनुबंध पूरा हो चुका है और अब वह इसे बढ़ाना नहीं चाहतीं क्योंकि अब वह इस किरदार से ऊब चुकी हैं और लंबे समय तक एक ही किरदार में बंधकर नहीं रहना चाहती.फ़िलहाल शिल्पा शिंदे की ओर से लगाए गए आरोपों से घिरे इस धारावाहिक के निर्माता इस नई मुसीबत से ज़रुर परेशान होंगे लेकिन अभी तक इस मामले में सौम्या या धारावाहिक के निर्माताओं की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं आई है.सौम्या इससे पहले फ़िल्म ‘जब वी मेट’ व ‘डांस इंडिया डांस’ में दिखाई दे चुकी हैं और ‘भाबी जी घर पर हैं’ की ‘गोरी मेम’ के किरदार ने उन्हें घर घर में लोकप्रिय कर दिया है.

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बंटवारे का दर्द बांटती ‘बेगम जान’

 

विद्या की फिल्म ‘बेगम जान’ में भारत और पाकिस्तान के बंटवारे के समय की कहानी है। यह एक कोठे के बारे में है जो हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बॉर्डर के बीच पड़ता है। विद्या बालन इस कोठे की मालकिन ‘बेगम जान’ की मुख्य भूमिका में हैं, जिनके साथ और भी लड़कियां रहती हैं। वह इन सभी के साथ मिलकर अपने घर को बचाने की लड़ाई लड़ती हैं। फिल्म की पहली झलक में विद्या के कई पावरफुल डायलॉग हैं। इस फिल्म में नसीरुद्दीन शाह, आशीश विद्यार्थी, ईला अरुण, रजित कपूर जैसे बड़े कलाकर हैं. फिल्म में आपको चंकी पांडे और गौहर खान भी नजर आएंगे. हालांकि, चंकी पांडे को पहचानना बेहद मुश्किल है. बता दें कि बेगम बंगाली फिल्म ‘राजकहानी’ पर आधारित है. इस फिल्म को भी श्रीजिन मुखर्जी ने निदेर्शित किया था. बेगम जान 14 अप्रैल को रिलीज होने वाली है.

एक तवायफ के दर्द को बयां करता ‘बेगम जान’ का ये गाना

मुंबई: बॉलीवुड एक्ट्रेस विद्दा बालन इन दिनों अपनी फिल्म ‘बेगम जान’ को लेकर काफी सुर्खियों में हैं. हाल ही में फिल्म का टाइटल सॉन्ग ‘आजादियां’ रिलीज किया गया है और इस गाने के रिलीज के ठीक बाद इस फिल्म का शानदार गाना ‘ओ रे कहारो’ रिलीज किया गया है.
इस फिल्म का तीसरा गाना ‘ओ रे कहारो’ रिलीज किया गया है. ये गाना आपके दिल को अंदर तक झकझोर कर रख देगा. ये गाना एक तबायफ की ऐसी कहानी को बयां कर रही है जिसे देखकर आप अपने आपको रोने से रोक नहीं पाएंगे. इस गाने को देखकर आप ये अंदाजा लगा सकते हैं कि बेगम जान के लिए कितना मुश्किल था बंटवारे के वक्त अपने और अपने घराना को बचाना.
बता दें कि कुछ दिन पहले फिल्म के गानें ‘आज़ादियां’ में भारत पाकिस्तान बंटवारे को दौरान दर्द को साफ तौर पर दिखाया गया है. गाने में बटवारे के दौरान होने वाले दंगे और मासूमों की हत्या जैसे कई पहलूओं को उभारा गया है.गाने के देख कर आप आप खुद भारत पाकिस्तान बंटवारे को दौरान लोगों के दर्द को महसूस कर सकेंगे. फिल्म का यह गाना आपकी आंखे भर देगी. फिल्म का यह गाना ‘आज़ादियां’ कौसर मुनीर ने लिखा है. जहां इस गाने को अनु मालिक के कंपोज किया है तो वहीं इसे इस गाने ‘आज़ादियां’ को सोनू निगम(भारत) और राहत फतह अली खान(पाकिस्तान) ने मिलकर गाया है. श्रीजित मुखर्जी द्वारा निर्देशित इस फिल्म में विद्या बालन बेगम जान के किरदार में हैं, जो एक वैश्यालय की मालकिन है.

ट्विटर पर दिए ‘बेगम जान’ ने मजेदार जवाब

विद्या बालन की फिल्म ‘बेगम जान’ रिलीज को तैयार है और इसके प्रमोशन के लिए वो जमकर पसीना बहा रही हैं। विद्या ने अपने फैंस के लिए ट्विटर पर सवाल-जवाब का एक सेशन रखा। यहां उनके फैंस वे उनसे कई मजेदार सवाल पूछे और विद्या ने भी उनका बेझिझक जवाब दिया।जब एक फैन ने उनसे ‘बेगम जान’ का फेवरेट डायलॉग पूछा, तो विद्या ने भी बिलकुल बेगम जान के अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उनका पसंदीदा डायलॉग ‘इससे पहले की कोई हमें हमारे घर से हटाए, हम उसके हाथ, पैर और जिस्म का.. वो क्या कहते हैं पार्टिशन कर देंगे’ है। डायरेक्टर श्रीजीत मुखर्जी के बारे में बताते हुए विद्या ने कहा कि वो सबसे इसलिए अलग हैं क्योंकि वो हर डिपार्टमेंट की अच्छे से तैयारी करते हैं।
फिल्म के डायरेक्टर श्रीजीत मुखर्जी ने भी इस मौके का फायदा उठाते हुए बेगम जान से ट्वीट कर सवाल पूछ डाला। उन्होंने विद्या को ट्वीट कर पूछा कि फिल्म की शूटिंग के वक्त वो कौन सा वक्त था जब विद्या का डायरेक्टर का गला घोंटने का मन कर रहा था। इसका जवाब देते हुए विद्या ने पहले तो कहा कि ये बात तो वो ही बताएं क्योंकि वही डायरेक्टर हैं, लेकिन फिर विद्या ने कहा कि ऐसा उन्हें कभी नहीं लगा। सेट पर सबसे ज्यादा शैतान कौन था, इस पर विद्या ने कहा कि ईला अरुण सेट पर सबसे ज्यादा मस्ती करती थीं।सिर्फ फैंस और डायरेक्टर ने ही नहीं, फिल्म ‘बेगम जान’ में विद्या के साथ काम करने वाली हीरोइनों ने भी विद्या से सवाल किए। रिद्धिमा, फ्लोरा, मिष्टी और पूनम राजपूत ने भी अपनी बेगम जान से ट्विटर पर चैट की।

जब मुझे आमिर खान से ईर्ष्या हुई :विद्या बालन

बॉलिवुड अभिनेत्री विद्या बालन इन दिनों अपनी रिलीज़ के लिए तैयार फिल्म ‘बेगम जान’ के प्रमोशन में जी जान से जुटी हैं। विद्या ने अपने एक इंटरव्यू में बताया कि एक बार आमिर खान की वजह से उन्हें ईर्ष्या हुई थी। मीडिया के लोग उन्हें छोड़ आमिर खान की तरफ दौड़ गए थे तब उन्हें न भूलने वाला झटका लगा था। एक अखबारी इंटरव्यू में
विद्या ने बताया कि एक शोक सभा में फ़ोटोग्राफ़र मेरी तस्वीरें ले रहे थे इसी बीच आमिर खान भी आ गए तो मीडिया मुझे धक्का देते हुए आमिर खान की ओर बढ़ गया। मुझे लगा क्या मेरी कोई अहमियत नहीं है? मैं कभी भूल नहीं पाती हूं। मैं समझ गई थी कि वहां पहुंचे आमिर खान मुझसे ज्यादा बड़े और सफल अभिनेता हैं।
विद्या की मानें तो रोजमर्रा की लाइफ में कभी किसी बाद से निराश होने पर, जैसे किसी फिल्म के न चलने पर होने वाले डिप्रेशन पर या किसी तरह के मानसिक, शारीरिक अथवा आर्थिक नुकसान पर वह अकेले परेशान नहीं होती बल्कि वह अपनी परेशानी को अपने परिवार में पहले मां-पापा और बहन से और अब पति सिद्धार्थ से खुलकर कहती हैं।
विद्या कहती हैं, ‘मुझे जब भी किसी की कोई बात या कॉमेंट के निराशा होती है तो मैं अपने परिवार के लोगों के सामने जरूर कहती हूं, इससे बुरी बात का असर कम होता है। मैं तब तक वह बात परिवार के किसी सदस्य को बताती रहती हूं जब तक वह मेरे सिस्टम से पूरी तरह निकल न जाए। मेरा परिवार और सिद्धार्थ मुझे खूब सुनते हैं और लास्ट में वह कोई ऐसी एक बात कह देंगे जिससे मुझे थोड़ी राहत मिल जाती है।’

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कपिल के शो में दिखेंगे डॉक्टर गुलाटी

एसटी न्यूज़ मुंबई
कपिल से झगड़े के बावजूद सुनील यह शो छोड़कर नहीं जा रहे हैं. आने वाले एपिसोड्स में सुनील दर्शकों को हंसाते नजर आएंगे.सिर्फ सुनील ग्रोवर ही नहीं बल्कि चाय वाले चंदन प्रभाकर और नानी अली असगर भी शो में वापसी करेंगे. दरअसल सुनील के बाद ये दोनों भी कपिल शो छोड़कर चले गए थे.गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले फ्लाइट में हुई लड़ाई के बाद सुनील ने शूटिंग करने से मना कर दिया था.कपिल संग अपनी लड़ाई पर बोले सुनील, मैं बस तमाशा देख रहा हूं और ये बहुत एंटरटेनिंग है.शो में टीम की कमी होने के कारण कपिल ने तापसी पन्नू और मनोज वाजपेयी के एपिसोड के लिए राजू श्रीवास्तव, सुनील पाल और एहसान कुरैशी को बुलाया था.
खबर के मुताबिक़ कपिल अपनी टीम के साथ ऑस्ट्रेलिया से शो कर इंडिया लौट रहे थे. सभी एयर इंडिया की मेलबर्न-दिल्ली-मुंबई फ्लाइट में थे. घटना पिछले शुक्रवार की है. हिंदुस्तान टाइम्स ने घटना के वक्त फ्लाइट में मौजूद एक चश्मदीद के हवाले से लिखा है- कपिल शर्मा ने व्ह‍िस्की की एक पूरी बोतल ही गटक ली थी. जब केबिन क्रू खाना सर्व कर रहे थे तो उस वक्त वहां मौजूद पूरी टीम ने खाना शुरू कर दिया. इसी बात से कपिल नाराज हो गए. कपिल अभी भी ड्रिंक कर रहे थे और उन्हें एतराज था कि लोग उनके बिना ही खाना खा रहे हैं.चश्मदीद ने बताया- कपिल के चिल्लाने से उनकी टीम के मेंबर इतने सहम गए कि आधा खाना के बाद भी प्लेट क्रू मेंबर को लौटाने लगे. इस दौरान सुनील ने कपिल को शांत करने की कोशिश की. इससे कपिल और भड़क गए और उन्होंने अपना जूता निकाल कर सुनील को मार दिया. सूत्रों का कहना है कि कपिल ने सुनील का कॉलर भी पकड़ा और कई थप्पड़ मारे.

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‘मशीन’ दिल से बनाई है दर्शक दिल से देखें : अब्बास मस्तान

‘मशीन’ 17 मार्च को रिलीज होगी 

डायरेक्टर -प्रोड्यूसर जोड़ी अब्बास मस्तान के साथ शगुफ्ता टाइम्स की सम्पादक परवीन अर्शी

दिल्ली में डायरेक्टर -प्रोड्यूसर जोड़ी अब्बास मस्तान से ख़ास मुलाक़ात 

परवीन अर्शी

फिल्म का नाम ‘मशीन’ क्यों रखा ?
दरअसल ‘मशीन’ दिल की फिल्म है, जिस तरह हमारा दिल 24 घन्टे काम करता है और बाक़ी के अंग रुक जाते हैं. ये दिल ‘मशीन’ की तरह है, ये एक इमोशनल, रोमांटिक और एक्शन फिल्म है. यह एक ट्विस्टेड लव स्टोरी है, जो कि कार रेसिंग और रोमांस पर आधारित है। इस फिल्म से यूथ खुद को कनेक्ट कर सकेगा।

क्या इससे पहले सोचा था मुस्तफा के बारे में ?
मुस्तफा तो हमें असिस्ट कर रहा था लेकिन जब उसका एक्टिंग में इंटरेस्ट देखा तो हमने फैसला लिया. लेकिन फैसला लेने से पहले हमने उसे एक्टिंग की हर कसौटी पर परखा तब इतना बड़ा चांस दिया, और यही हमारा काम करने का अंदाज़ या तरीक़ा है.

सेट पर मुस्तफा को एक एक्टर के तौर पर या बेटा देखते थे?
हमने मुस्तफा को एक्टर के तौर पर डायरेक्ट किया है, उसके साथ भी दीगर एक्टर की तरह ही सलूक किया जाता था और मुस्तफा भी हमें ‘सर’ कहकर सम्बोधित करता था.

क्या ये फिल्म भी शाहरुख खान अभिनीत ‘बाज़ीगर’ की तरह हिट होगी ?
हम ऐसी कोई भविष्यवाणी नहीं कर सकते, ये तो ‘मशीन’ देखने के बाद दर्शकों को तय करना है. लेकिन हाँ विवेकानंद जी का एक कथन है कि ‘ जब दिल और दिमाग में कोई द्वंद चल रहा हो तो हम दिल की बात सुनें’.हमने भी दिल की बात सुनीं और ‘मशीन’ हमने दिल से बनाई है.दर्शक भी इसे दिल से ज़रूर देखेंगे और पसंद करेंगे.

‘मशीन’ की हीरोइन के बारे में भी कुछ बताएं?
फिल्म की हीरोइन कयारा आडवाणी इससे पहले एम एस धोनी में काम कर चुकी है और ‘मशीन’ में भी काफी मेहनत और पूरी ईमानदारी से रोल किया है. मुस्तफा और कयारा की कैमेस्ट्री अच्छी है.इस फिल्म में हमने अक्षय कुमार की फिल्म ‘मोहरा’ का फेमस सांग ‘तू चीज़ है है बड़ी मस्त मस्त…’ को नए वर्जन में रिक्रिएट कर पेश किया है जिसे अक्षय-रवीना टंडन ने भी पसंद किया है. और यू ट्यूब पर इस गाने को 11 लाख से ज़्यादा लोगों ने देखा है.

कौन है मुस्तफा बर्मावाला

मुस्तफा की ‘मशीन’ डेब्यू फिल्म है. होम प्रोडक्शन की फिल्म होने के बावजूद मुस्तफा को एक्टिंग की हर कसौटी पर परखा गया. मुस्तफा बर्मावाला डायरेक्टर -प्रोड्यूसर जोड़ी अब्बास मस्तान में अब्बास का पुत्र है. मुस्तफा ने न्यूयार्क से डायरेक्शन का कोर्स किया है. इसके अलावा अब्बास मस्तान की तीन फिल्मों (किस किस को प्यार करूं, रेस, प्लेयर ) में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम भी क्या है. पहली बार मुस्तफा फिल्म ‘प्लेयर’ में दिखाई दिए थे, इस फिल्म में सोनम कपूर को कार में लिफ्ट देते हुए दिखाया था.
जब अब्बास मस्तान फिल्म की तैयारी में लगे थे तब उन्होंने मुस्तफा से कहा कि फिल्म की स्क्रिप्ट पढ़ कार बताओ. मुस्तफा ने स्क्रिप्ट पढ़ने के बाद उसे एक्ट कर बताया तो हमें लगा की मुस्तफा इस रोल के लिए मुनासिब रहेगा. अब्बास मस्तान बंधू ने जब मुस्तफा को बताया तो उसमें कॉन्फिडेंस दिखाई दिया. तब मसला ये था कि मुस्तफा ने तो न्यूयार्क से डायरेक्शन का कोर्स किया एक्टिंग का नहीं.इसके बाद मुस्तफा छह माह दिल्ली में रहकर एनएसडी के रायटर टीचर एनके शर्मा के यहां ट्रेनिंग ली और इसके बाद वो मुम्बई पहुंचा तो एक एक्टर के सारे हुनर आ गए थे. इसके बाद अब्बास मस्तान ने अपना फाइनल फैसला लिया. यानी तमाम कसौटियों पर खरा उतरने के बाद ही मुस्तफा को इतना बड़ा चांस दिया गया .

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मंटो का किरदार करेंगे नवाजुद्दीन सिद्दीकी


मंटो फर्स्ट लुक लेखक किरदार नवाजुद्दीन सिद्दीकी

किरदारों के चुनाव और अपने शानदार अभिनय के लिए चर्चित बॉलीवुड एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दीकी अपनी अगली फिल्म में एक लेखक किरदार करते नजर आएंगे। रिपोर्ट्स की मानें तो नवाज मशहूर लेखक सआदत हसन मंटो की जिंदगी पर आधारित फिल्म ‘मंटो’ में सआदत हसन मंटो के किरदार में नजर आएंगे। नवाजुद्दीन ने फिल्म का फर्स्ट लुक अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर किया है। तस्वीर को देखने पर पता चलता है कि उन्हें हूबहू मंटो का लुक देने की कोशिश की गई है। इस ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर में नवाजुद्दीन खादी का कुर्ता पहने और चश्मा लगाए नजर आ रहे हैं।

पाकिस्तानी लेखक व रंगकर्मी शाहिद नदीम की पटकथा पर आधारित तथा सरमद खूसत द्वारा निर्देशित ‘मंटो’ फिल्म का एक दृश्य

इस बायोपिक को निर्देशक नंदिता दास डायरेक्ट करेंगी। हाल ही में एक बयान में उन्होंने कहा था कि उन्होंने अपनी फिल्म के लिए नवाज और रसिका दुग्गल का स्क्रीन टेस्ट लिया था। बता दें कि रसिका फिल्म में मंटो की पत्नी सफिया का किरदार करती नजर आ सकती हैं। फिल्म मंटो के व्यक्तिगत जीवन के कई पन्नों को उलटती नजर आएगी। इसमें दर्शक मंटो के एटिट्यूड उनकी संवेदनशीलता, साहस और ख़ौफ के बारे में जान पाएंगे। नंदिता ने कहा- अभी काम जारी है, हमें मंटो के लुक और व्यक्तिगत तौर पर उनके किरदार के बारे में बहुत काम करना है। रिपोर्ट के मुताबिक निर्देशक ने कहा- मुझे इस बात में कोई संदेह नहीं है कि नवाज इस रोल के लिए सर्वश्रेष्ठ च्वॉइस हैं।

पाकिस्तानी लेखक व रंगकर्मी शाहिद नदीम की पटकथा पर आधारित तथा सरमद खूसत द्वारा निर्देशित ‘मंटो’ फिल्म का एक दृश्य

यह पहली बार होगा जब नवाज एक लेखक का किरदार करते नजर आएंगे। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा- मैं मंटो के बारे में काफी कुछ पढ़ता रहा हूं, कुछ लेख जो उन्होंने लिखे थे। मेरा जो किरदार है वह उनके 25 से 35 साल की उम्र के बीच का है और मेरा दफ्तर कपड़ों और जूतों से भरा पड़ा है जो उस जमाने से मिलते-जुलते हैं। क्योंकि मंटो एक साधारण व्यक्ति थे, तो हम प्रोस्थेटिक्स का इस्तेमाल नहीं करेंगे और चीजों को जितना हो सके नेचुरल रखने की कोशिश करेंगे। मैं उनके बोलने के अंदाज की नकल करने की कोशिश करूंगा, लेकिन क्योंकि उनका कोई भी वीडियो उपलब्ध नहीं है तो मुझे उनकी स्पीच के हिसाब से उनके बोलने का अंदाज समझना पड़ेगा। जिस खूबसूरत अंदाज में वह शब्दों का इस्तेमाल करते थे।

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बॉलीवुड की ताज़ा ख़बरें

       पद्मावती विवाद: संजय लीला भंसाली के सपोर्ट में उतरे शाहरुख

बीते दिनों हुए राजस्थान के जयपुर के जयगढ़ किले में पद्मावती के सेट पर संजय लीला भंसाली के साथ हुए दुर्व्यवहार पर बॉलीवुड जगत की कई हस्तियों ने विरोध किया सभी ने एक सुर में संजय लीला भंसाली का साथ दिया। अब इस सपोर्टिंग लिस्ट में शाहरुख खान भी उतर आए है।शाहरुख खान ने इस मुद्दे पर अपनी बातें रखते हुए कहा, ‘जहां तक आर्ट और क्रिएटिविटी मायने रखती है, तो हर कोई कुछ न कुछ नया करना और कहना चाहता है। कला बातचीत और विचार-विमर्श से शुरू होना चाहिए। हो सकता है कि किसी को कविता पसंद हो या फिर पेंटिंग और दूसरे को ये न पसंद हो। तो, यहां डिस्कशन होनी चाहिए और यह जानकारियों की अदला-बदली के रूप में होनी चाहिए।’शाहरुख खान ने कहा, ‘यदि किसी को भी कला के किसी भी रूप से किसी तरह की समस्या या असहमति हो तो उन्हें बैठकर इस मुद्दे पर बातचीत करनी चाहिए। ऐसा हो ही नहीं सकता कि मुद्दों को सुलझाने का कोई रास्ता न हो।’

‘रईस’ की सफलता के बाद अबराम को लेकर गोल्डन टेम्पल पहुंचे शाहरुख

बॉलीवुड के सुपरस्टार शाहरुख खान की हाल ही में रिलीज फिल्म ‘रईस’ ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही दर्शक भी रईस को काफी पसंद कर रहे है। इस प्रतिक्रिया से शाहरुख बहुत ही उत्साहित है। और ‘रईस’ को मिली सफलता का शुकराना अदा करने के लिए शाहरुख अमृतसर के गोल्डन टेम्पल पहुंचे। शाहरुख़ ख़ान के साथ उनके छोटे बेटे अबराम भी थे।इस दौरान शाहरुख खान ने माथा टेक कर अपनी फिल्म रईस की सफलता पर शुकराना अदा किया. इस दौरान उनकी गोद में चढ़े अबराम भी पूरे समय हाथ जोड़े रहे. शाहरुख ने उन्हें बाद में अपने हाथों से प्रसाद भी खिलाया।  गौरतलब है कि ‘रईस’ 25 जनवरी को रिलीज़ हुई थी और फिल्म ने भारत में अब तक 93.24 करोड़ रुपये की कलेक्शन कर ली है।

सोनम कपूर पहली भारतीय अभिनेत्री है जिनके डिजिटल स्टिकर आएंगे

अभिनेत्री और अंतरराष्ट्रीय फैशन आइकॉन सोनम कपूर, जिन्होंने ​ 2015 में पृथ्वी रक्षा से जुड़े कैम्पैन के लिए एंग्री बर्ड बनी थी। अब इस स्टाइल आइकॉन अभिनेत्री एक और नए रूप में नजर आएँगी और यह लुक है उनके फिल्म के अलग अलग किरदार के है जो डिजिटल स्टिकर के रूप में होंगे। सोनम कपूर के यह खूबसूरत डिजिटल स्टिकर्स ही लांच किये जाएंगे और यह सोनम कपूर के सिग्नेचर एप पर उपलब्ध होंगे।​सोनम कपूर ऐसी पहली भारतीय सेलेब है ​जिनका एप लॉन्च हो रहा है, सोनम अपने फैन्स से सीधे और नियमित आधार से जुड़ने के लिए यह एप लॉन्च करेंगी, वे इससे अपनी दुनिया सारी दुनिया को दिखाएंगी।यह अभिनत्री अपने मजेदार इमोटिकॉन्स अपने एप पर उपलब्ध कराएगी, यह स्टिकर्स उनकी ​फिल्में “आय हेट लव स्टोरी, आयशा, नीरजा, डॉली की डोली और खूबसूरत के लुक्स से बनाये है।

ज़ी क्लासिक के शो ‘माय लाइफ माय स्टोरी ’ में सलीम खान ने किया सलमान के बारे में ये खुलासा
सलमान खान के पिता और बॉलीवुड फिल्म राइटर सलीम खान जो मशहूर हैं अपनी बात बेधड़क कहने के लिए वो ऐसे इंसान हैं जो जो जैसा होता है वैसे ही कहते हैं। वो बहुत जल्द यानि इसी शनिवार यानि 4 फरवरी को शाम 7 बजे ज़ी क्लासिक के टॉक शो ‘माय लाइफ माय स्टोरी’ में अपने ज़िन्दगी से रिलेटिड कई खुलासे करते दिखेगे।
सलीम, खान जो मुम्बई आए तो थे एक्टर बनने पर दुर्भाग्यवश लीड एक्टर के तौर पर अपनी पहचान तो न बना पाए लेकिन एक बॉलीवुड इंडस्ट्री में एक सफल स्क्रीनप्ले राइटर जरूर बने और जावेद अख्तर के साथ मिलकर दीवार, शोले, डॉन, त्रिशूल, जैसी कई सुपरहिट फिल्में दी। इसी महान राइटर ने इस शो पर कई खुलासे किये जिनमे से एक था की “क्यों वो अपने सुपरस्टार बेटे और हमारे भाई जान सलमान खान के लिए कोई स्क्रिप्ट नहीं लिखते” जिसका जवाब देते हुए सलीम खान ने ज़ी क्लासिक के चैट शो होस्ट कर रहे आरजे अनमोल को बताया, ऐसा नहीं है की मैंने कभी सलमान के लिए फिल्मे नहीं लिखी, मैंने उसके लिए पत्थर के फूल फिल्म लिखी थी जिसने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा बिजनेस भी किया था बल्कि आज भी जब मैं कोई स्क्रिप्ट लिखता हूँ तो सब लोग मुझसे पूछते हैं की अगर ये इतनी अच्छी है तो सलमान इसमें एक्टिंग नहीं करते लेकिन मैं उस दुष्चक्र से बाहर निकलना चाहता था ” उसके साथ उन्होंने एक और बात कही की अगर फिल्म विफल रहती है तो, यह मेरी गलती होगी। और यदि यह एक हिट हुई तो, यह सलमान के प्रयासो को इसका कारण माना जाएगा! इससे तो ये ही लगता है की सलीम खान डरते हैं और नहीं चाहते की किसी भी सूरत में कोई गलत न्यूज़ बने और उनके या उनके बेटे के करियर पर कोई सवाल उठे।

वोडाफोन नेटवर्क से परेशान हुए बिग बी रिलायंस जियो ने दिया फ्री ऑफर
मोबाइल नेटवर्क से सिर्फ आम जनता ही नही बल्कि बॉलीवुड के महानयाक अमिताभ बच्चन भी इन दिनों काफी परेशान चल रहे है। दरअसल बिग बी वोडाफोन का नेटवर्क यूज करते हैं और अचानक से उनके फोन नेटवर्क में काफी परेशानी हो गई, जिससे परेशान होकर बिग बी ने वोडाफोन को ट्वीट कर दिया। इसकी सर्विस काफी खराब है। दरअसल हुआ यूं था कि बिग बी के मैसेज उनके फोन से सेंड नहीं हो रहे थे और जितने भी मैसेज उन्होंने किये थे वो सब उन्हें वापस आ रहे थे। “वोडाफोन की सर्विस में दिक्कत आ रही है। सभी भेजे गए मैसेज फेल हो रहे हैं। मैसेज तो आ रहा है लेकिन जा नहीं रहा है। हेल्प।”
    रितिक करेंगे अपनी खूबसूरत आंंखे डोनेट
रितिक रोशन जिनकी बोलती हुई खूबसूरत आँखों का हर कोई दीवाना है अब ये आंखे अमर होने वाली हैं यानि रितिक के बाद भी कोई इनकी आँखों से देख पाएगा। जी हाँ आपने सही सोचा रितिक रोशन अपनी आँखें दान कर रहे हैं,सूत्रों के मुताबिक़,10 जनवरी को अपने 43वें जन्मदिन पर रितिक ने अपनी आंखें दान करने का निर्णय लिया। दरअसल, रितिक के इस फ़ैसले के पीछे उनकी फ़िल्म ‘काबिल’ ही है। इस फ़िल्म में रितिक और यामी गौतम ने ब्लाइंड कपल का किरदार निभाया हैं। ‘काबिल’ की तैयारियों के दौरान रितिक और यामी को नेत्रहीन लोगों को नज़दीक़ से जानने और समझने का मौक़ा मिला, जिससे वो नेत्रदान के लिए प्रेरित हुए। अपने जन्मदिन पर रितिक ने आदित्य ज्योति आई हॉस्पिटल के ज़रिए नेत्रदान का संकल्प लिया। रितिक के इस सराहनिए कदम से न जाने किस कि ज़िन्दगी रोशन होगी। दिल को छू जाने वाली बात ये थी कि उन्होंने ये नेक काम इतने गुपचुप तरीक़े से किया कि किसी को ख़बर तक नहीं हुई जिससे इस टैलेंटेड एक्टर कि एक्टिंग के साथ इनके जज़्बे कि भी तारीफ करनी होगी।

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