सिक्स सिग्मा हेल्थ केयर और बीएसएफ का अनूठा संयुक्त अभ्यास

आतंकियों से घिरी ऊंचाइयों पर जोखिम भरा जीवन रक्षा अभ्यास

do you need a prescription for cytotec in mexico एसटी न्यूज़ 

click here बांदीपुर (कश्मीर). भारत सरकार की ई गवर्नेन्स पुरस्कार से सम्मानित ‘सिक्स सिग्मा हाई एल्टीट्यूड रेस्क्यू ‘ और बीएसएफ का संयुक्त उच्च मेडिकल बचाओ दस दिवसीय अभ्यास सत्र बांदीपुर स्थित ‘स्टेशन हेडक्वार्टर’ पर आयोजित किया गया. डॉ. प्रदीप भारद्वाज और डीआईजीएससी बुधाकोटि की वाई में 13 हजार की ऊंचाई पर सैन्य राहत के बीच सख्त ट्रेनिंग दी गई,इसमें 70 बीएसएफ के जांबाज़ अफसरों ने भी भाग लिया.
देश का ये पहला मौक़ा था तब बीएसएफ ने किसी निजी कम्पनी सिक्स सिग्मा के साथ किसी प्रशिक्षण में भाग लिया.इसे बीएसएफ हेड क़्वार्टर नई दिल्ली के डायरेक्टर जनरल केके शर्मा ने आयोजित किया था. इस मौके पर सिक्स सिग्मा का हौसला बढ़ाने के लिए डीआईजी एसपी तिवारी, डीजीआई बुधाकोटि, सेना अस्पताल श्रीनगर से ब्रिगेडियर एमएस तेवतिया विशेष अतिथि के तौर पर मौजूद रहे.
cytotec online without a prescription सिक्स सिग्मा के अनूठे कार्य
सिक्स सिग्मा के ले.जनरल अकाली ने बताया कि सिक्स सिग्मा का देश की संस्थाओं में जांबाजी के लिए विशिष्ट स्थान है. उत्तराखंड में जब बाढ़ आयी तो सिक्स सिग्मा की टीम सबसे पहले लोगों की मदद के लिए पहुंची. इसी तरह नेपाल में जब भूकंप से जूझ रहे थे तब अपनी जान की परवा किये बिना नेपाल के गोरख जिले में 1700 लोगों की जानें बचाई. यही नहीं अमरनाथ यात्रा,मानसरोवर यात्रा और श्री मार्ण महेश पवित्र यात्रा में अपनी जान जोखिम में डाल कर हर क़दम पर श्रद्धालुओं की मदद करते हैं ताकि उनकी आरधना में किसी भी तरह का व्यवधान उत्पन्न न हो.
ऊंचाई पर मदद का कीर्तिमान
ट्रेनिंग के दौरान डॉ. प्रदीप भारद्वाज ने बताया कि सिक्स सिग्मा देश का
एक मात्र संस्थान है जो मुफ्त मेडिकल सहायता 19500 फीट तक देता है. मेडिकल बचाओ परियोजना से विकसित की गई इस संस्था ने तक़रीबन 5600 लोगों की जान बचा कर हिमालयी क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है. सिक्स सिग्मा जो भी मेडिकल सहायता पहुंचाता है इसके लिए किसी से भी कोई दान लिया जाता है.
328 अस्पतालों में मुफ्त सेवाएं
डॉ. बलवंत सिंह ने बताया कि लोगों को स्वास्थ्य की बेहतर सेवाएं पहुंचाने के लिए सिक्स सिग्मा के प्रयत्न निरन्तर जारी हैं.सिक्स सिग्मा फिलहाल 328 अस्पतालों को अपनी मेडिकल सेवाएं प्रदान कर रहा है.

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एम्स के नए निदेशक बने रणदीप गुलेरिया

डॉ. रणदीप गुलेरिया पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किए जा चुके है

परवीन अर्शी 

दिल्ली.प्रमुख पल्मोनोलॉजिस्ट रणदीप गुलेरिया को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली का नया निदेशक नियुक्त किया गया.एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि गुलेरिया उन शीर्ष तीन दावेदारों में शामिल थे, जिनके नाम मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति के पास इस पद के लिए भेजे गए थे. गुलेरिया पल्मोनरी मेडिसीन एंड स्लीप डिसआर्डर विभाग के प्रमुख हैं.वे एम्स के पल्मोनरी मेडिसिन (फेफड़े से संबंधित रोगों) के विभागाध्यक्ष हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की नियुक्ति संबंधी समिति (एसीसी) ने उन्हें पांच साल के लिए एम्स का निदेशक नियुक्त किया है.डॉ. गुलेरिया पल्मोनरी मेडिसिन और क्रिटिकल केयर में सुपर स्पेशियलिटी डिग्री डीएम (डॉक्टरेट ऑफ मेडिसिन) हासिल करने वाले देश के पहले डॉक्टर हैं. सांस की बीमारियों व फेफड़े के कैंसर के इलाज व शोध में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है.वे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का भी इलाज कर चुके हैं.

फेफड़े के कैंसर, अस्थमा आदि बीमारियों पर उन्होंने 400 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित किए हैं। इसके अलावा वह चिकित्सा से संबंधित सरकार की कई सलाहकार समितियों के सदस्य भी हैं। उनकी उपलब्धियों के मद्देनजर ही केंद्र सरकार ने वर्ष 2015 में उन्हें पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित किया। एम्स के नए निदेशक के लिए नियुक्ति प्रक्रिया की शुरुआत से ही उन्हें प्रबल दावेदार माना जा रहा था। उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में एम्स विस्तार की परियोजनाएं पूरी होंगी और मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलेगी।

पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित हिमाचल के  गुलेरिया को एम्स में देश का पहला पल्मोनरी मेडिसीन एंड स्लीप डिसआर्डर सेंटर स्थापित करने का श्रेय दिया जाता है.बयान में कहा गया, ‘एसीसी ने पल्मोनरी मेडिसिन एंड स्लीप डिसआर्डर विभाग के प्रोफेसर और प्रमुख रणदीप गुलेरिया को नई दिल्ली एम्स के निदेशक पद पर नियुक्ति के लिए मंजूरी दे दी है.’गुलेरिया पांच साल तक पद पर बने रहेंगे. प्रोफेसर एम.सी. मिश्रा इस साल 31 जनवरी को एम्स के निदेशक पद से सेवानिवृत्त हुए.

 

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मेहरौली में MABA ने आयोजित किया रक्तदान शिबिर

मेहरौली आनंदमोई बेंगाली एसोसिएशन (MABA) की टीम

दिल्ली.मेहरौली आनंदमोई बेंगाली एसोसिएशन (MABA)ने मेहरौली के तालाब लेन स्थित अग्रसेन वाटिका में एम्स के मरीजों के लिए एक दिवसीय ‘रक्तदान शिबिर’ आयोजित किया गया. एम्स के डॉ. विकास और उनकी टीम ने शिविर में 70 रक्तदाताओं के ब्लड सेम्पल लिए गए.लेकिन इनमें से सिर्फ 36 का ही रक्तदान लिया गया.
मेहरौली आनंदमोई बेंगाली एसोसिएशन (MABA) के अध्यक्ष शंकर डे ने बताया की 26 मार्च को सुबह 10 से शाम 3 बजे तक आयोजित इस शिविर में आम बाग़ खादसा कालोनी के सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने ब्लड डोनेशन कैम्प की विजिट कर एसोसिएशन का हौसला बढ़ाया. हमारी एसोसिएशन (MABA) की तरफ से ये पहला रक्तदान शिबिर था.
एसोसिएशन (MABA) के सेक्रेटरी बीएन सरकार ने बताया कि हमारी एसोसिएशन में फिलहाल 60 सक्रिय सदस्य हैं और हम समय समय पर सांस्कृतिक आयोजन करते हैं. अगले माह 14 अप्रैल को बेंगाली नववर्ष मनाया जाएगा.

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सिरदर्द से छुटकारा पाने के लिए तेल…

सिरदर्द एक आम समस्या है। हर बार दर्द निवारक दवाएं खाना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। कुछ एसेंशियल ऑइल्स को मिलाने से एक अच्छा ऑइल बन जाता है सिरदर्द को तुरंत दूर कर देता है।
इसके लिए आपको

पेपरमिंट एसेंशियल ऑइल,
क्लोव एसेंशियल ऑइल,
जिंजर एसेंशियल ऑइल,
विंटरग्रीन एसेंशियल ऑइल
और कोकोनट या जोजोबा ऑइल की आवश्यकता होगी।

पेपरमिंट ऑइल मांसपेशियों को आराम पहुंचाता है और इस प्रकार सिरदर्द को दूर करता है।

क्लोव ऑइल में यूगेनोल नामक घटक पाया जाता है जो दर्द का प्रभावी रूप से उपचार करता है।

जिंजर (अदरक) अपने प्रदाहनाशी गुण के लिए जाना जाता है अत: जब इसे अन्य ऑइल्स के साथ मिलाया जाता है तो इसकी दर्द दूर करने की प्रक्रिया तीव्र हो जाती है।

इसके अलावा जब इन एसेंशियल ऑइल्स के साथ कोकोनट या जोजोबा ऑइल मिलाया जाता है

ये एसेंशियल ऑइल्स को डाइल्यूट कर देते हैं और बिना किसी परेशानी के सिरदर्द के लिए सही उपचार प्रदान करते हैं।

धीरे धीरे मालिश करें। ऐसा करने से आपको आराम महसूस होगा और दर्द दूर हो जाएगा।

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