गुमनाम शहीदों को भूलकर,आओ जश्ने आज़ादी मनाएं

 

एडिटोरियल

परवीन अर्शी,एडिटर,शगुफ्ता टाइम्स

आज हमारा वतन आज़ाद है। इस आज़ादी को हमारे बुज़ुर्गों ने कितनी मुश्किल से हासिल किया इसे सिर्फ वही समझ सकता है जिसने अपने वतन के लिए कुछ किया हो. सिर्फ वतन परस्ती की नुमाइश करने से क़ुरबानी नहीं होती है इसके लिए दिल से मातृभूमि से प्यार करना ज़रूरी है. टीपू सुल्तान ने अंग्रेजों के खिलाफ जो अकेले संघर्ष शुरू किया था वह भारत के दूसरे राजों महाराजाओं,नवाबों की ओर से किसी तरह की मदद न मिलने की वजह से कामयाब नहीं हो सका था. यही वजह रही कि भारत में अंग्रेजों को लंबे समय तक शासन करने का मौका मिल गया था। इस लम्बी हुकूमत के पीछे वतन के उन गद्दारों का साथ मिला जो वतन परस्तों के दुश्मन थे. इन गद्दारों की मुखबरी पर हज़ारों – लाखों वतनपरस्तों को अंग्रेज़ों ने फांसी पर लटका दिया,इन गुमनाम शहीदों में से सिर्फ दो-तीन फीसद को ही हम याद करते हैं.गांधीजी हों कि पंडित नेहरू हों ‘मौलाना अबुलकलाम आज़ाद हों कि अली ब्रदर्स हों शहीद भगत सिंह हों कि अशफाक उल्लाह ख़ां शहीद हों ‘या फिर मौलाना मोहम्मद अली जौहर हों सभी ने पूरी ईमानदारी से आज़ादी के लिए भूमिका निभाई थी जिसकी वजह से अंग्रेजों को हुकूमत करना दुश्वार कर दिया था. आज हम आज़ादी की ७१वीं साल गिरह मना रहे हैं.देश की गरीब जनता को आज तक अपनी बुनियादी समस्याओं से निजात नहीं मिली है। आज भी गरीब आदमी रोटी,कपड़ा और मकान से जूझ रहा है लेकिन सारी सरकारें मौन हैं,उन्हें सिर्फ हुकूमत चाहिए. जब भी इलेक्शन नज़दीक होते हैं आम आदमी को थोड़ी सी जाति – धर्म की अफीम दे दी जाती है. बस बरसों से ये मुल्क इसी तरह दौड़ रहा है और आगे भी ये सफर यूँ ही जारी रहेगा. बहरहाल,हम जश्ने आज़ादी मनाएं. आज़ादी का ये दिन मुबारक हो…..

 

फ़ौज पर फिर हमला दो जवान भी शहीद

तीन आतंकी मारे गए

श्रीनगर. जम्मू कश्मीर के शोपियां ज़िले में तीन आतंकियों को मार गिराया है. मुठभेड़ में सेना के 2 जवान भी शहीद हो गए हैं. वहीं एक दूसरी घटना के दौरान बांदीपोरा में आतंकियों ने पुलिस सर्च पार्टी पर हमला किया. इस हमले में पुलिस के दो जवान घायल हुए हैं. पुलिस ने बताया कि शनिवार को आतंकवादियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिलने के बाद राष्ट्रीय राइफल्स, पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) सहित सुरक्षा बलों ने शोपियां के अवनीरा गांव में घेर लिया, आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी.इस फायरिंग में दो जवान शहीद हो गए. कुछ जवान घायल है.

यूपी में महिलाओं को भी वक्फ संपत्तियों का मुतवल्ली बनाया जाए

मोहसिन रजा की शिया-सुन्नी वक्फ बोर्ड से मांग

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री मोहसिन रजा ने शिया और सुन्नी वक्फ बोर्ड महिलाओं को भी मुतवल्ली बनाने की मांग की है। श्री रजा ने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के दौर में उन्हें मुतवल्ली क्यों नहीं बनाया जा सकता। महिलाएं भी वक़्फ़ जायदाद की मुतवल्ली बन सकती हैं, लेकिन उन्हें इमाम नहीं बनाया जा सकता।


अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री ने कहा कि शिया और सुन्नी वक्फ बोर्ड का महिलाओं को भी मुतवल्ली बनाना होगा। मुतवल्ली केवल पुरुष ही क्यों , महिलाएं क्यों नहीं। उन्होंने दोनों बोर्डों में महिला कर्मचारियों की नियुक्ति भी आवश्यक बताई।
उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के दो तरीके होते हैं, पहला अली अल औलाद दूसरा अली अल खैर। अली खैर सरकारी ट्रस्ट होता है जबकि अली अल औलाद घरेलू। अली अल औलाद में अनुबंध के अनुसार परिवार का ही सदस्य हो सकता है, जबकि अली अल खैर में समाज के किसी भी व्यक्ति को सदस्य या मुतवल्ली बनाया जा सकता। महिला भी ट्रस्ट में सदस्य या मुतवल्ली हो सकती हैं। बोर्डों को इस पर विचार करना चाहिए।
श्री रजा ने दावा किया कि राज्य में एक लाख 25 हजार वक्फ संपत्तियों हैं और ज़्यादातर बोर्ड पर अवैध कब्जा है। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड की कई संपत्तियों को औने-पौने दाम में बेच दिया गया। भ्रष्टाचार की वजह से बोर्ड की हालत खराब है, जो बोर्ड के पास अरबों की संपत्ति है उनके खातों में केवल कुछ रुपये हैं।

 

बाबरी विवाद: आज से सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

 

नई दिल्ली: बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि भूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार से सुनवाई शुरू की जाएगी। यह मामला विवादित 2.77 एकड़ जमीन के मालिकाना हक को लेकर है। 2010 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमीन को तीन भागों में विभाजित कर दिया था।हाईकोर्ट के इस फैसले कोसभे पक्षों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने जमीन का एक टुकड़ा रामलला विराजमान, निर्मोही अखाड़ा और यूपी सुन्नी वक्फ बोर्ड को दे दिया था। सभी पक्षों द्वारा फैसले को चुनौती देने की वजह से विवादित भूमि पर ज्यों की त्यों स्थिति बरकरार है। हालांकि विवादित ज़मीन पर निर्माण अस्थायी मंदिर में पूजा करने की अनुमति है।


बाबरी मस्जिद – राम जन्मभूमि भूमि विवाद पर आज यानी शुक्रवार 11अगस्त दोपहर दो बजे सुप्रीम कोर्ट में तीन न्यायाधीशों की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई करेगी। बेंच में जस्टिस दीपक मिश्रा और जस्टिस अशोक भूषण और न्यायमूर्ति अब्दुल नज़ीर होंगे। इस मामले में कई पक्ष हैं, जिन्होंने विवादित ज़मीन पर मालिकाना हक होने का दावा किया है। सुप्रीम कोर्ट में सभी पक्षों को सुना जाएगा।मालिकाना हक के अलावा बाबरी मस्जिद को शहीद करने को लेकर भी आपराधिक मुकदमा लखनऊ की विशेष अदालत में चल रहा है। इस मामले में लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी सहित भाजपा और आरएसएस के कई नेताआरोपी हैं।

हुस्न आरा ट्रस्ट ने मनाया जश्ने भारत

डॉ. त्रेहान, मीनू बख्शी और डॉ तलत अहमद को फ़ख़रे हिन्द सम्मान 

परवीन अर्शी दिल्ली।इंडिया इस्लामिक सेंटर में आज़ादी की 71वीं सालगिरह हुस्न आरा ट्रस्ट द्वारा मनाई गयी. जश्ने भारत के इस आयोजन में दिल्ली की जानी मानी शख्सियतों की मौजूदगी में ह्रदय रोग विशेषज्ञ डॉ. त्रेहान, शायरा,सिंगर,प्रोफेस्सर मीनू बख्शी और डॉ तलत अहमद को फ़ख़रे हिन्द सम्मान से सम्मानित किया गया। वित्त सचिव और शौकिया फोटोग्राफर अशोक लवासा को भी उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया. जश्ने भारत का हौसला बढ़ाने के लिए अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय के मंत्री मुख्तार अब्बास नक़वी ने शिरकत कर कार्यक्रम आये गणमान्यजनों से कहा कि हुस्न आरा ट्रस्ट जश्ने भारत की तर्ज़ पर आयोजन होना चाहिए. दीप रोशन कर मुख्य अतिथि मुख्तार अब्बास नक़वी ने जश्ने आज़ादी की मुबारकबाद देते हुए लोगों का अभिवादन किया.इस अवसर पर वित्त सचिव अशोक लवासा व नावल लवासा के द्वारा खिंचे गये फ़ोटो प्रदर्शनी भी संयोजित की गई.। प्रोफेसर मीनू बख्शी की किताब ‘मौजे सराब’ भी मेहमानों में वितरित की गयी।

हुस्न आरा ट्रस्ट के आयोजक हैदर कमाल व कमिश्नर नजीब अशरफ ने बुके पेश कर मेहमानों का स्वागत किया. जश्ने भारत के इस बहुआयामी आयोजन की अध्यक्षता पूर्व राज्यपाल सय्यद सिब्ते हसन रज़ी ने की और प्रोफेसर मीनू बख्शी ने वतन परस्ती से सराबोर ग़ज़लें पेश कर श्रोताओं से दाद हासिल की.इसके अलावा मलिका ए तरन्नुम मोहतरमा अनिता संघवी की दिलकश आवाज़ में देशभक्ति के नग्मों को सुना और पसंद किया. अनिता जी ने सूफियाना कलाम और ग़ज़लें भी पेश कीं. स्वागत भाषण में संयोजक डॉ. मोहसिन वली(सदस्य इंडियन हेरिटेज एन्ड हेल्थ केयर सेंटर) ने आज़ादी में शहीदों के बलिदान को याद किया. विशेष अथिति चीफ इनकम टैक्स कमिश्नर अबरार अहमद,पूर्व इलेक्शन कमिश्नर बी बी पाण्डे,मौलाना आज़ाद फाउंडेशन के सरबराह शाकिर हुसैन, जस्टिस खान,मेजर जरनल ज़मीर उद्दीन शाह, एसएस पी लव कुमार, कमर अहमद, एसएम खान, प्रोफेसर शाहिद मेहदी,डॉ माजिद देवबंदी,अश्जेय रज़ा ज़ैदी,नदीम अब्बास ज़ैदी और डॉ. लोहाटी ने भी कार्यक्रम जश्ने भारत में शिरकत कर ट्रस्ट के हौसलों को गति दी.

 

रहीमुद्दीन खान डागर और सुशील कुमार सक्सेना की याद में गुणीजन सभा की 25वीं आयत

पद्मभूषण सुशीलकुमार सक्सेनाऔर पद्मभूषण रहीमुद्दीन खान डागर की याद में गुणीजन सभा का एक भव्य आयोजन 25-26 जुलाई को सीडी देशमुख ऑडिटोरियम इंडिया इंटरनेशनल सेंटर दिल्ली में आयोजित किया गया है.उस्ताद इमामुद्दीन खान डागर इंडियन म्यूज़िक एन्ड कल्चरल सोसाइटी,द डागर आर्काइज जयपुर और इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में 25 जुलाई को होने वाले गुणीजन सभा की 25वीं आयत के पहले सत्र का आग़ाज़ मंगलाचरण संतोष कुमार के ध्रुपद आलाप से होगा. दुसरे सत्र में उस्ताद इमामुद्दीन खान डागर की संस्थापक अध्यक्ष शबाना डागर अबतक हुईं ‘गुणीजन’ सभा का संक्षिप्त परिचय देंगी.
सत्र तीन में पद्मभूषण सुशील कुमार सक्सेना और पद्मभूषण उस्ताद रहीमुद्दीन खान डागर पर आधारित डॉक्यूमेंट्री दिखाई जाएगी. सत्र चार में मंजुला सक्सेना ‘ध्रुपद में लय और आलाप’ विषय पर वार्ता करेंगी. दोपहर डेढ़ से तीन बजे तक मध्यांतर होगा और इसके पश्चात सत्र पांच में मशहूर मूर्तिकार गगन विज ‘ भारतीय मूर्तिकाल -एक वर्णन’ विषय पर वार्ता करेंगे. पहले दिन के छठे और आखरी सत्र में ‘कथक मेरी दृष्टि में’ विषय पर प्रख्यात कथक नृत्यांगना विदुषी प्रेरणा श्रीमाली सोदाहरण वार्ता करेंगी.इसी दिन शाम की सभा में बनारस घराने के विख्यात बांसुरी वादक पंडित अजय प्रसन्ना बांसुरी वादन करेंगे. पहले दिन की सभी सभा के सूत्रधार विख्यात संगीत शास्त्री पंडित विजय शंकर मिश्र होंगे.
गुणीजन सभा के दूसरे दिन के सत्र का आग़ाज़ भी भी संतोष कुमार के ध्रुपद आलाप से होगा. गुणीजन सभा पर डाक्यूमेंट्री दिखाई जाएगी ,पारम्परिक मिनिएचर चित्रकला पर पद्मश्री मिनिएचर चित्रकार वार्ता करेंगे. सभा के मध्यांतर के बाद ‘संगीत में काव्य की भूमिका ‘ विषय पर प्रख्यात कवि आलोचक अशोक वाजपई और मंजुला सक्सेना वार्ता करेंगे. रुद्रवीणा – पांच शताब्दियों की संगीत यात्रा विषय पर वार्ता करेंगे प्रोफ़ेसर सुनीरा कासलीवाल. शाम को सभा के अंत में उस्ताद बहाउद्दीन खान डागर का रूद्र वीणा वादन होगा. तबले पर साबिर हुसैन और पखावज पर पंडित अनिल चौधरी संगत करेंगे.

विम्बलडन में फेडरर आठवीं बार जीते

फाइनल में फेडरर ने तीन सेट तक चले मुकाबले में क्रोएशिया के मारिन सिलिक को 6-3, 6-1, 6-4 से मात दी. बता दें कि ये विंबलडन में फेडरर का 11वां फाइनल था और वो अब तक 8 बार ये खिताब जीत चुके हैं.फेडरर के नाम टेनिस के कई रिकॉर्ड दर्ज हैं. वो 29 बार ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट्स के फाइनल में पहुंच चुके हैं. इस साल के पहले ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताब भी उन्होंने अपने नाम किया था. साल के दूसरे ग्रैंड स्लैम फ्रेंच ओपन में वो नहीं खेले थे.
इससे पहले फेडरर ने विबंलडन के सेमीफाइनल में चेक गणराज्य के थॉमस बर्डिख को मात देते हुए फाइनल में जगह बनाई थी. बीबीसी ने फेडरर के हवाले से लिखा था, “मैं एक और फाइनल में पहुंच कर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। मुझे सेंटर कोर्ट पर खेलने का मौका एक बार फिर मिला है। यह एक बार फिर हो रहा है इस पर मैं विश्वास नहीं कर सकता.”इस जीत के साथ फेडरर विंबलडन का खिताब जीतने वाले दुनिया के सबसे उम्रदराज खिलाड़ी भी बन गए हैं.

sadhvi kaa vivadit bayaan

साध्वी का हज यात्रा पर विवादित बयान

चंडीगढ़। शादी समारोह में फायरिंग कर बड़े विवाद में फंसी साध्वी देवा ठाकुर ने अमरनाथ यात्रियों पर हुए आतंकी हमले के बाद विवादित बयान दिया है। साध्वी ने असदुद्दीन ओवैसी और आजम खान पर अभद्र टिप्पणी की। साध्वी ने आतंकी हाफिज को गाली दी।
साध्वी देवा ठाकुर ने कहा कि जब हज यात्रा निकलेगी, तो शिव भक्त भी जवाब देंगे। फेसबुक पर लाइव चैट के दौरान साध्वी देवा कह रही हैं कि तुम लोग हज के लिए दिल्ली-मुंबई होकर ही जाओगे, उस दिन शिवभक्त, गोभक्त और राष्ट्रभक्त देखना, कैसे बदला लेंगे।
साध्वी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम भी संदेश दिया और कहा है कि निंदा करने से कुछ नहीं होगा, कार्रवाई करिए। साध्वी ने कहा अमरनाथ यात्रा पर हमला हुआ और 7 श्रद्घालु मारे गए, लेकिन ओवैसी और आजम खान का बयान नहीं आया। ये ‘भौंकने’ वाले नेता अब चुप क्यों हैं। हालांकि, आपको बता दें कि ओवैसी ने अमरनाथ यात्रियों पर हुए आतंकी हमले की निंदा की थी। साध्वी देवा ठाकुर ने कहा कि पाकिस्तान में छुपा बैठा हाफिज भारत में गंदगी फैला रहा है, उसका अंत जरूरी है।

हक़ीक़त: कैसे बने मोदी दुनिया के सबसे लोकप्रिय राजनेता


नरेंद्र मोदी पर भारत की 73% जनता का भरोसा

‘नरेंद्र मोदी पर भारत की 73% जनता भरोसा’ इस खबर को हर अख़बार और वेबसाइट ने छापा, हर चैनल ने दिखाया है यानी नरेंद्र मोदी दुनिया के सबसे लोकप्रिय राजनेता है। इनमें मोदीभक्त और तथाकथित प्रगतिशील चैनल और साइट भी हैं।
खबर की हक़ीक़त
यह ख़बर फ़ोर्ब्स इंडिया पत्रिका के हवाले से छपी है। फ़ोर्ब्स इंडिया पत्रिका की मालिक कंपनी का नाम नेटवर्क 18 है। नेटवर्क 18 का 100% स्वामित्व इंडियन मीडिया ट्रस्ट के पास है। इस ट्रस्ट का 100% स्वामित्व रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के पास है। जो कि आप जानते हैं कि मुकेश अंबानी की कंपनी है, जिनका नरेंद्र मोदी से याराना न मोदी छिपाते हैं, न अंबानी। फ़ोर्ब्स इंडिया ने यह रिपोर्ट OECD यानी ऑर्गनाइज़ेशन फ़ॉर इकोनॉमिक को-ऑपरेशन एंड डेवलपमेंट की 282 पेज की एक रिपोर्ट से उठाई है। रिपोर्ट का नाम है ‘गवर्नमेंट एट ए ग्लांस 2017 ‘। इस रिपोर्ट के पेज 214 में लिखा है कि यह आँकड़ा गैलप वर्ल्ड पोल से आया है।
इसी रिपोर्ट में लिखा है कि इसके लिए पोल कंपनी हर देश के 1,000 लोगों से बात करती है। य़ह एक देश में अधिकतम 2,000 लोगों से बात करती है। ऐसे देश चीन और रूस हैं।इस तरह के पोल में शामिल 1,000 लोग किन शहरो के कौन लोग होंगे यह आप समझ सकते हैं।

गोरक्षा के नाम पर हिंसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो:मोदी

नई दिल्ली: संसद भवन में आयोजित सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए श्री मोदी ने गोरक्षा के नाम पर हिंसा करने वालों को सख्त चेतावनी दी। साथ ही राज्य सरकारों को भी ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की हिदायत दी।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि गोरक्षा के नाम पर हिंसा को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस तरह की हिंसा को राजनीतिक लाभ के लिए सांप्रदायिक रंग देकर देश का भला नहीं किया जा सकता।
बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने संवाददाताओं को बैठक के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि देश में गोरक्षा का जज़्बा है, लेकिन उसके नाम पर हिंसा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस संबंध में राज्य सरकारों को भी सलाह दी गई है कि गोरक्षा के नाम पर होने वाली हिंसा के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
श्री मोदी ने कहा कि राज्य सरकारों से कहा गया है कि गोरक्षा के नाम पर हिंसा फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। इस तरह की घटनाओं से लोगों का भला नहीं किया जा सकता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि गोरक्षा के नाम पर कई लोग व्यक्तिगत दुश्मनी के कारण कानून हाथ में लेकर भयानक अपराध कर रहे हैं। जो लोग अपनी दुश्मनी की वजह से बदला लेने के लिए ऐसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई आवश्यक है।