पीएम मोदी का बर्थडे गिफ्ट, राष्ट्र को समर्पित किया सरदार सरोवर बांध

गांधीनगर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने 67वें जन्मदिन के मौके पर गुजरातवासियों को बर्थडे गिफ्ट दिया.अपने गृह राज्य गुजरात पहुंचे पीएम मोदी ने यहां सरदार सरोवर बांध परियोजना को राष्ट्र को समर्पित किया.

पीएम मोदी के जन्मदिन को ‘सेवा दिवस’ के रूप में मना रही है भाजपा. पीएम मोदी ने सरदार सरोवर बांध का उद्घाटन किया. बांध की ऊंचाई बढ़ने से प्रयोग करने वाली जल क्षमता 4.73 एकड़ फुट (एमएएफ) हो जाएगी, जिससे गुजरात , राजस्थान, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के लोगों को फायदा होगा. इस परियोजना से गुजरात के जल रहित क्षेत्रों में नर्मदा के पानी को नहर और पाइपलाइन नेटवर्क के जरिये पहुंचाने में मदद मिलेगी और सिंचाई सुविधा में विस्तार होगा, जिससे 10 लाख किसान लाभान्वित होंगे.

बांध से कई गावों में पीने का पानी पहुंचेगा और यह चार करोड़ लोगों को फायदा पहुंचाएगा. पीएम मोदी ने पहले भगवान विश्वकर्मा पूजा की पीएम मोदी अपने 67वें जन्मदिन के अवसर पर अपने गृह राज्य गुजरात पहुंचे.हालांकि इलाके में खराब मौसम के चलते पीएम मोदी के हेलीकॉप्टर को दभोई में ही लैंड कराना पड़ा. अब पीएम मोदी सड़क मार्ग से केवड़िया जा रहे हैं और इस कारण कार्यक्रम में करीब 1 घंटे की देरी की हुई.

आपको बता दें कि आज सबसे पहले पीएम गुजरात अपनी मां हीराबेन के पास पहुंचे और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया. पीएम ने अपनी मां संग कुछ समय भी व्यतीत किया और उनके स्वास्थ्य के बारे में बातें की. इसके बाद पीएम मोदी सरदार सरोवर बांध देश को समर्पित करने के लिए रवाना हुए.मोदी आज पीएम मोदी बांध के 30 दरवाजे खोलेंगे। इसके साथ ही पीएम ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का भी दौरा करेंगे. 182 मीटर ऊंची ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ की पहल मोदी ने की थी और वह काफी समय से सरदार सरोवर बांध की ऊंचाई बढ़ाने के भी पक्ष में हैं.

इस बांध की ऊंचाई हाल ही में बढ़ाकर 138.68 मीटर की गई है। इसके बाद पीएम मोदी राष्ट्रीय जनजाति स्वतंत्रता सेनानियों के लिए संग्रहालय की आधारशिला रखेंगे.मोदी बाद में अमरेली जाएंगे, जहां वह एपीएमसी के नए मार्केट यार्ड का उद्घाटन करेंगे. वह मधु उत्पादन केंद्र की आधारशिला और अमर डेयरी के नए प्लांट का उद्घाटन भी करेंगे. वह अमरेली में सहाकार सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे.

 

दिल्ली के दिव्यांशु की फिल्म ‘समर कैम्प’ की शूटिंग नासिक में चल रही है

दिल्ली.दिल्ली के दिव्यांशु फिल्म ‘समर कैम्प’ में अदाकारी करते हुए दिखाई देंगें. फिल्म में दिव्यांशु बनती की भूमिका कर रहे हैं.पूर्वी दिल्ली के हिलवुड स्कूल की 9वीं कक्षा के छात्र दिव्यांशु की इस आगामी फिल्म शूटिंग फिलहाल नासिक के इग्गतपुरी में चल रही है. ‘समर कैम्प’ बच्चों पर आधारित फीचर फ़िल्म है, जिसमें गांव और शहर के बच्चों के दो गैंग हैं, जिन में आपस में विवाद हैं.

इस फ़िल्म में बुजुर्गों के दर्द को भी डायरेक्टर कुणाल वी सिंह ने बखूबी दिखाया है. फिल्म में दिखाया है कि कैसे उन्हें बच्चे छोड़कर विदेश चले जाते हैं।डायरेक्टर कुणाल ने बताया कि ‘समर कैम्प’ दर्शकों को बहुत पसंद आएगी क्यूंकि फिल्म में मनोरंजन के साथ सन्देश भी है. फिल्म अगले साल मई में पूरे देश में रिलीज की जाएगी.

निर्भीक और बेबाक विचारों वाली वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की गोली मारकर हत्या

प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया में बुधवार दोपहर तीन बजे हत्या के विरोध

में पत्रकार एकजुट होंगे

परवीन अर्शी

अपने निर्भीक लेखन और बेबाक विचारों की वजह से कर्नाटक में लोकप्रिय वरिष्ठ पत्रकार और संपादक गौरी लंकेश की मंगलवार रात गोली मारकर हत्या कर दी गई.अज्ञात बदमाशों ने बेंगलुरु के राजराजेश्वरी नगर में स्थित उनके घर में घुसकर वारदात को अंजाम दिया. रात तकरीबन आठ बजे उनके घर के दरवाज़े पर बेहद करीब से उन्हें तीन गोलियां मारी गईं.दिल्ली के प्रेस क्लब में बुधवार दोपहर तीन बजे इस हत्या के विरोध में पत्रकार एकजुट हो रहे हैं.
कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल, केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी महिला पत्रकार की हत्या पर शोक व्यक्त किया. कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने ट्वीट किया, ‘गौरी की हत्या उन लोगों को चुप कराने का प्रयास है, जो विपरीत विचार रखते हैं. यह दुर्भाग्यपूर्ण है.’ केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने पत्रकार की हत्या पर शोक व्यक्त किया है. दिल्ली में प्रेस क्लब ऑफ इंडिया और विमन्स प्रेस क्लब (आईडब्ल्यूपीसी) ने वरिष्ठ पत्रकार गौरी की हत्या की कड़े शब्दों में निंदा की है.
कर्नाटका के पुलिस कमिश्नर सुनील कुमार के अनुसार ‘मंगलवार शाम गौरी जब अपने घर लौट रही थीं, तब उनके घर के बाहर ये हमला हुआ. ये हमला किस वजह से किया गया, इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता.नाम ज़ाहिर नहीं करने की शर्त पर पुलिस अधिकारियों ने बताया, ”गौरी जब राज राजेश्वरी नगर में अपने घर लौटकर दरवाज़ा खोल रही थीं, तब हमलावरों ने उनके सीने पर दो और सिर पर एक गोली मारी.”

रिपोर्ट के अनुसार, कर्नाटक में संघ परिवार की सांप्रदायिक राजनीति के ख़िलाफ़ लेखन के चलते पिछले कुछ दिनों से वह कुछ लोगों के निशाने पर थीं. राज्य में कांग्रेस शासन है और अगले साल यहां चुनाव होने हैं.‘गौरी लंकेश पत्रिके’ नाम की साप्ताहिक मैगजीन की संपादक थीं. इस मैगजीन को ‘व्यवस्था विरोधी’ प्रकाशन के रूप में जाना जाता है.गौरी ने लंकेश पत्रिका के जरिए ‘कम्युनल हार्मनी फोरम’ को काफी बढ़ावा दिया. लंकेश पत्रिका को उनके पिता ने 40 साल पहले शुरू किया था और इन दिनों वो इसका संचालन कर रही थीं.
गौरी के पिता पी लंकेश एक पुरस्कार विजेता फिल्ममेकर थे, जिन्होंने 1980 में लंकेश पत्रिका शुरू की थी. गौरी की उम्र 55 साल थी.गौरी की परिवार में उनकी बहन कविता लंकेश, भाई इंद्रेश और मां हैं. कविता लंकेश राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता हैं.
कन्नड़ लेखक मुरलीसिडप्पा
कन्नड़ भाषा के प्रख्यात लेखक मुरलीसिडप्पा ने बताया कि उनकी हत्या की ख़बर बेहद भयंकर है. उन्होंने यहां संघ परिवार के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल रखा था. वास्तव में उनकी हत्या हो जाना यह बताता है कि स्थितियां कितनी ख़तरनाक हो चुकी हैं. जिन लोगों ने तर्कवादी नरेंद्र दाभोलकर, गोविंद पानसरे और एमएम कलबुर्गी को मार डाला, उन्हीं लोगों ने गौरी लंकेश की हत्या की है.’पिछले साल नवंबर में गौरी लंकेश को 2008 में लिखे एक लेख की वजह से मानहानि को दोषी पाया गया है. इस लेख को धारवाड़ से भाजपा सांसद प्रहलाद जोशी और भाजपा नेता उमेश दुशी ने आपत्तिजनक कहा था.इस लेख में आरोप लगाया गया था कि भाजपा सांसद भ्रष्टाचार के मामलों में शामिल हैं. लंकेश ने ख़ुद के दोषी होने को चुनौती दी थी जिसके बाद उन्हें ज़मानत मिल गई थी.

राहुल गांधी
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने राहुल ने ट्वीट कर कहा, ‘सच्चाई को कभी खामोश नहीं जा सकता. गौरी लंकेश हमारे दिलों में बसती हैं. मेरी संवेदनांए और प्यार उनके परिवार के साथ हैं. दोषियों को सजा मिलनी चाहिए.

ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पत्रकार हत्या मामले को ‘बेहद दुर्भाग्यपूर्ण’ और ‘खतरनाक’ करार दिया. हिंदुत्ववादी राजनीति के खिलाफ खुलकर विचार जाहिर करने वाली वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की मंगलवार को राज राजेश्वरी इलाके में उनके घर के पर अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी.

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, ”ये बेहद दुखद खबर है. गौरी पत्रकार, लेखक और विकासशील विचारों की थीं. उन्होंने हमेशा कट्टरपंथियों के खिलाफ आवाज़ उठाई थी. ये बेहद दुखद है कि उनकी हत्या कर दी गई.
मैंने पुलिस कमिश्नर से बात करके केस की जांच के लिए तीन टीमें बनाने और मुझे रिपोर्ट देने के लिए कहा है.”

जावेद अख्तर
बॉलीवुड के मशहूर राइटर जावेद अख्तर ने भी ट्वीट करते हुए लिखा कि दाभोलकर, पनसरे, कलबुर्गी और गौरी लंकेश. अगर एक ही तरह के लोगों की हत्या हो रही है तो उनके हत्यारे कौन हैं.

एडिशनल एसपी शशांक गर्ग के नेतृत्व में नशे के खिलाफ हुई बड़ी कार्रवाई

»200 सौ बोरे महुआ, हजारों लीटर कच्ची शराब बरामद
»कच्ची शराब माफिया में हड़कंप
»घरों में लगा रखे गांजे के पौधे भी जब्त

भोपाल: होशंगाबाद के पिपरिया और सोहागपुर में एडिशनल एसपी शशांक गर्ग के नेतृत्व में प्रशासन,पुलिस और आबकारी की संयुक्त एक बड़ी कार्रवाई की गई. अवैध कच्ची शराब के अनेक अड्डों पर छापा मारी की गई. जिसमें 200 सौ बोरे महुआ हजारों लीटर कच्ची शराब के साथ गांजे के पौधे बरामद किये गए।श्री गर्ग की इस बड़ी कार्रवाई को लेकर कच्ची शराब माफिया में हड़कंप मचा हुआ है.

पुलिस सूत्रों ने बताया कि एडिशनल एसपी शशांक गर्ग अपने अथक प्रयसों से पूरे क्षेत्र को नशा मुक्त बनाना चाहते हैं ताकि क्षेत्र के विकास को गति मिले और लोग सकारत्मक सोचने लगें. हाल ही में पिपरिया के कुचवांदिया मोहल्ला टावर मोहल्ला ईरानी डेरा सहित कई बड़े अड्डों पर की गई छापे मारी की कार्रवाई में पिपरिया से 21 आरोपियों से 5 लाख 15 हजार रुपए की 9 हजार 650 किलो, 279 लीटर कच्ची शराब जब्त की गई.इस बड़ी कार्रवाई में पिपरिया से शराब के साथ गांजा भी बरामद किया गया. इसके अलावा घरों में लगा रखे गांजे के पौधे भी जब्त किये गए.सोहागपुर में 5 मामलों में 1 लाख 50 हजार रुपए कीमत की 3 हजार किलो लाहन और शराब जब्त को भी बरामद की गई.

तिरंगी बर्फी का मज़ा लीजिये


आज़ादी के जश्न के साथ कुछ मीठा और तिरंगा हो तो मिज़ा दुगुना हो जाता है.. तो थोड़ा केसरिया, सफेद, और हरा, यह तिरंगा 15 अगस्त के जश्न पर मीठे में भी मिला दिया जाए, तो ज़ायका अलग हो जाएगा.

कितने लोगों के लिए : 4 – 6  समय : 1  घंटे

रेसिपी:500 ग्राम मावा (खोया)  /  250 ग्राम शक्कर  / 100 ग्राम घी  /  कटे हुए बादाम  / कटे हुए पिस्ता  / कटे हुए काजू / दो चम्मच नारियल बूरा / 2 से 3 बूंद खाने वाला हरा रंग / 2 से 3 बूंद खाने वाला केसरिया रंग / दो चुटकी केसर / 2 से 3 चाँदी वर्क की पत्ती

सजावट के लिए:केसर, नारियल बूरा और पिस्ता से सजाएं तिरंगी बर्फी.
विधि:एक कढ़ाई में घी गर्म करें, गर्म घी में बादाम, पिस्ता और काजू को भून लें.
फिर दुसरी कढ़ाई में मावा भूनें हल्का गुलाबी होने पर, मावे में शक्कर डालकर चलाएं, जब शक्कर पूरी तरह घुल जाए तो गैस बंद कर दें.फिर मावे को तीन हिस्सों में बांट लें, मावे के एक हिस्से में हरा रंग, एक हिस्सा बिना रंग का सफेद रखें, एक हिस्से में केसरिया रंग और थोड़ा केसर मिलाएं. अब एक थाली में घी लगाएं और थाली में सबसे पहले हरे रंग के मावे की परत बिछाएं, फिर सफेद मावा और सबसे ऊपर केसरिया रंग के मावे की परत बिछाएं. बाद में मावे पर ऊपर से बादाम और पिस्ता डालकर ठंडा होने के लिए रख दें. इसके बाद खुद भी खाएं मेहमानों को भी खिलाएं.

जीएसटी से देश को नई ताकत मिली:पीएम

लाल क़िले से पीएम ने तिरंगा लहराया
सवा लाख करोड़ का काला धन पकड़ा
नोट बंदी करने से भ्रष्टाचार पर लगाम लगी
सर्जिकल स्ट्राइक पर दुनिया ने भारत का लोहा माना

नई दिल्ली: मंगलवार को देश स्वतंत्रता की 71 वीं वर्षगांठ मना रहा है। पूरे देश में इसे लेकर खुशी और उत्साह का माहौल है। इस अवसर पर जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले पर तरंगा लहराया वहीं, देश के विभिन्न लालकिला पर पीएम नरेंद्र दामोदर मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। राजघाट पहुँच कर उन्होंने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। पीएम ने आपदा से अस्पताल में हुई दुर्घटना में मरने वालों को याद किया।प्रधानमंत्री ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र के नाम सन्देश में कहा… भारत छोड़ो आंदोलन के 75 साल पूरे।स्वतंत्र भारत के लिए यह वर्ष विशेष है।देश के लिए बलिदान देने वालों को सलाम।देश में हम सक्षम, शक्तिशाली, सभी के लिए अवसर के रूप में हम न्यू भारत बना सकते हैं।देश 75 वीं वर्षगांठ तक हम देश में बदलाव ला सकते हैं।सवा सौ करोड़ नागरिक न कोई छोटा है न कोई बड़ा।देश में रिकॉर्ड फसल उत्पादन।नोट बंदी करने से भ्रष्टाचार पर लगाम लगी।नोटबंदी करने के समय लोगों ने धैर्य दिखाया।लोकतंत्र वोट तक सीमित नहीं किया जा सकता।देश में मिडिल क्लास को कई लाभ मिले।गांव-गांव में बिजली पहुंच रही है।महंगाई पर नियंत्रण किया।देश में दोगुनी गति से सड़कें बन रही हैं।आतंकवाद के खिलाफ दुनिया के कई देश हमारे साथ हैं।जीएसटी से देश को नई ताकत मिली।वन रैंक वन पेंशन का सरकार ने वादा निभाया।देश की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता।वर्ष 2018 देश के लिए काफी महत्वपूर्ण।अर्जुन का कृष्ण को संदेश याद कीजिये।गरीबों को लूटने वाले बेचैन हैं।आठ सौ करोड़ की संपत्ति जब्त की गई।देश में ईमानदारी का जश्न।निराशा छोड़ दीजिए, परिवर्तन में विश्वास दीजिए।देश में विकास की गति को कम नहीं होने दिया।बड़े बदलाव की वजह से बाधाओं आती हैं।आस्था के नाम पर हिंसा बर्दाश्त नहीं।तीन तलाक के खिलाफ महिलाओं की मदद।तीन तलाक प्रभावित बहनों ने आंदोलन चलाया।युवाओं को बिना गारंटी लोन दिया।सार्वजनिक भागीदारी से देश को आगे बढ़ाने की कोशिश की है।विदेशी निवेश को बढ़ावा दिया।सिंचाई 21 बड़ी परियोजना पूर्ण किए। अब 50 परियोजना को पूरा करने हैं।सर्जिकल स्ट्राइक पर दुनिया ने भारत का लोहा माना।तीन लाख कंपनियां केवल सेल कंपनी हैं और संदर्भ के व्यवसाय करती हैं।दो लाख करोड़ तक काले धन को बैंकों तक पहुंचना पड़ा।सवा लाख करोड़ का काला धन पकड़ा गया।

गुमनाम शहीदों को भूलकर,आओ जश्ने आज़ादी मनाएं

 

एडिटोरियल

परवीन अर्शी,एडिटर,शगुफ्ता टाइम्स

आज हमारा वतन आज़ाद है। इस आज़ादी को हमारे बुज़ुर्गों ने कितनी मुश्किल से हासिल किया इसे सिर्फ वही समझ सकता है जिसने अपने वतन के लिए कुछ किया हो. सिर्फ वतन परस्ती की नुमाइश करने से क़ुरबानी नहीं होती है इसके लिए दिल से मातृभूमि से प्यार करना ज़रूरी है. टीपू सुल्तान ने अंग्रेजों के खिलाफ जो अकेले संघर्ष शुरू किया था वह भारत के दूसरे राजों महाराजाओं,नवाबों की ओर से किसी तरह की मदद न मिलने की वजह से कामयाब नहीं हो सका था. यही वजह रही कि भारत में अंग्रेजों को लंबे समय तक शासन करने का मौका मिल गया था। इस लम्बी हुकूमत के पीछे वतन के उन गद्दारों का साथ मिला जो वतन परस्तों के दुश्मन थे. इन गद्दारों की मुखबरी पर हज़ारों – लाखों वतनपरस्तों को अंग्रेज़ों ने फांसी पर लटका दिया,इन गुमनाम शहीदों में से सिर्फ दो-तीन फीसद को ही हम याद करते हैं.गांधीजी हों कि पंडित नेहरू हों ‘मौलाना अबुलकलाम आज़ाद हों कि अली ब्रदर्स हों शहीद भगत सिंह हों कि अशफाक उल्लाह ख़ां शहीद हों ‘या फिर मौलाना मोहम्मद अली जौहर हों सभी ने पूरी ईमानदारी से आज़ादी के लिए भूमिका निभाई थी जिसकी वजह से अंग्रेजों को हुकूमत करना दुश्वार कर दिया था. आज हम आज़ादी की ७१वीं साल गिरह मना रहे हैं.देश की गरीब जनता को आज तक अपनी बुनियादी समस्याओं से निजात नहीं मिली है। आज भी गरीब आदमी रोटी,कपड़ा और मकान से जूझ रहा है लेकिन सारी सरकारें मौन हैं,उन्हें सिर्फ हुकूमत चाहिए. जब भी इलेक्शन नज़दीक होते हैं आम आदमी को थोड़ी सी जाति – धर्म की अफीम दे दी जाती है. बस बरसों से ये मुल्क इसी तरह दौड़ रहा है और आगे भी ये सफर यूँ ही जारी रहेगा. बहरहाल,हम जश्ने आज़ादी मनाएं. आज़ादी का ये दिन मुबारक हो…..

 

फ़ौज पर फिर हमला दो जवान भी शहीद

तीन आतंकी मारे गए

श्रीनगर. जम्मू कश्मीर के शोपियां ज़िले में तीन आतंकियों को मार गिराया है. मुठभेड़ में सेना के 2 जवान भी शहीद हो गए हैं. वहीं एक दूसरी घटना के दौरान बांदीपोरा में आतंकियों ने पुलिस सर्च पार्टी पर हमला किया. इस हमले में पुलिस के दो जवान घायल हुए हैं. पुलिस ने बताया कि शनिवार को आतंकवादियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिलने के बाद राष्ट्रीय राइफल्स, पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) सहित सुरक्षा बलों ने शोपियां के अवनीरा गांव में घेर लिया, आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी.इस फायरिंग में दो जवान शहीद हो गए. कुछ जवान घायल है.

यूपी में महिलाओं को भी वक्फ संपत्तियों का मुतवल्ली बनाया जाए

मोहसिन रजा की शिया-सुन्नी वक्फ बोर्ड से मांग

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री मोहसिन रजा ने शिया और सुन्नी वक्फ बोर्ड महिलाओं को भी मुतवल्ली बनाने की मांग की है। श्री रजा ने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के दौर में उन्हें मुतवल्ली क्यों नहीं बनाया जा सकता। महिलाएं भी वक़्फ़ जायदाद की मुतवल्ली बन सकती हैं, लेकिन उन्हें इमाम नहीं बनाया जा सकता।


अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री ने कहा कि शिया और सुन्नी वक्फ बोर्ड का महिलाओं को भी मुतवल्ली बनाना होगा। मुतवल्ली केवल पुरुष ही क्यों , महिलाएं क्यों नहीं। उन्होंने दोनों बोर्डों में महिला कर्मचारियों की नियुक्ति भी आवश्यक बताई।
उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के दो तरीके होते हैं, पहला अली अल औलाद दूसरा अली अल खैर। अली खैर सरकारी ट्रस्ट होता है जबकि अली अल औलाद घरेलू। अली अल औलाद में अनुबंध के अनुसार परिवार का ही सदस्य हो सकता है, जबकि अली अल खैर में समाज के किसी भी व्यक्ति को सदस्य या मुतवल्ली बनाया जा सकता। महिला भी ट्रस्ट में सदस्य या मुतवल्ली हो सकती हैं। बोर्डों को इस पर विचार करना चाहिए।
श्री रजा ने दावा किया कि राज्य में एक लाख 25 हजार वक्फ संपत्तियों हैं और ज़्यादातर बोर्ड पर अवैध कब्जा है। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड की कई संपत्तियों को औने-पौने दाम में बेच दिया गया। भ्रष्टाचार की वजह से बोर्ड की हालत खराब है, जो बोर्ड के पास अरबों की संपत्ति है उनके खातों में केवल कुछ रुपये हैं।

 

बाबरी विवाद: आज से सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

 

नई दिल्ली: बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि भूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार से सुनवाई शुरू की जाएगी। यह मामला विवादित 2.77 एकड़ जमीन के मालिकाना हक को लेकर है। 2010 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमीन को तीन भागों में विभाजित कर दिया था।हाईकोर्ट के इस फैसले कोसभे पक्षों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने जमीन का एक टुकड़ा रामलला विराजमान, निर्मोही अखाड़ा और यूपी सुन्नी वक्फ बोर्ड को दे दिया था। सभी पक्षों द्वारा फैसले को चुनौती देने की वजह से विवादित भूमि पर ज्यों की त्यों स्थिति बरकरार है। हालांकि विवादित ज़मीन पर निर्माण अस्थायी मंदिर में पूजा करने की अनुमति है।


बाबरी मस्जिद – राम जन्मभूमि भूमि विवाद पर आज यानी शुक्रवार 11अगस्त दोपहर दो बजे सुप्रीम कोर्ट में तीन न्यायाधीशों की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई करेगी। बेंच में जस्टिस दीपक मिश्रा और जस्टिस अशोक भूषण और न्यायमूर्ति अब्दुल नज़ीर होंगे। इस मामले में कई पक्ष हैं, जिन्होंने विवादित ज़मीन पर मालिकाना हक होने का दावा किया है। सुप्रीम कोर्ट में सभी पक्षों को सुना जाएगा।मालिकाना हक के अलावा बाबरी मस्जिद को शहीद करने को लेकर भी आपराधिक मुकदमा लखनऊ की विशेष अदालत में चल रहा है। इस मामले में लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी सहित भाजपा और आरएसएस के कई नेताआरोपी हैं।