90 वर्षीय बुजुर्ग आरोपी को 3 साल, चार वकीलों को 7-7 साल का सश्रम कारावास
इंदौर। इंदौर जिला कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में उज्जैन के पांच वकीलों को पत्रकार पर जानलेवा हमले के मामले में दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। कोर्ट ने चार वकीलों को 7-7 साल के सश्रम कारावास और 90 वर्षीय बुजुर्ग वकील को 3 साल की कैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही सभी पर 10-10 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है।
यह पहला मामला है जब एक साथ पांच अधिवक्ताओं को जिला कोर्ट से सजा सुनाई गई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश श्रीकृष्ण डागलिया की अदालत ने यह फैसला सुनाया।
मामला : 2009 में पत्रकार पर हमला
10 फरवरी 2009 को उज्जैन जिला कोर्ट परिसर में वरिष्ठ पत्रकार घनश्याम पटेल पर वकीलों धर्मेंद्र शर्मा, शैलेंद्र शर्मा, भवेंद्र शर्मा, पुरुषोत्तम राय और 90 वर्षीय सुरेंद्र शर्मा ने कुर्सी, लाठी, छड़ और डंडों से हमला किया था। हमले के दौरान पटेल की रिवॉल्वर, चेन और घड़ी भी लूट ली गई थी। गंभीर रूप से घायल पटेल को पहले उज्जैन के संजीवनी अस्पताल और बाद में इंदौर के गोकुलदास अस्पताल में 15 दिन तक भर्ती रहना पड़ा।

हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का दखल
चूंकि आरोपी स्वयं अधिवक्ता थे, इसलिए मामले में लंबे समय तक दबाव और बाधाएं आती रहीं। हाई कोर्ट ने केस को इंदौर कोर्ट में ट्रांसफर किया था। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने छह माह में सुनवाई पूरी करने का आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद ही केस की सुनवाई आगे बढ़ सकी।
अधिवक्ताओं का बयान
एडवोकेट अशोक कुमार शर्मा और गगन बजाड़ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि आरोपी धर्मेंद्र और शैलेंद्र, बुजुर्ग वकील सुरेंद्र शर्मा के बेटे हैं, जबकि भवेंद्र शर्मा और पुरुषोत्तम राय उनके जूनियर थे। अधिवक्ताओं ने कहा कि धर्मेंद्र शर्मा की सनद पहले ही निरस्त हो चुकी है और इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष भी रखा जाएगा, ताकि दोषी किसी प्रकार का कानूनी लाभ न ले सकें।