Indore Madhya Pradesh

इंदौर में खदान के गहरे गड्डे में डूबे दो मासूम, पांच घंटे चले रेस्क्यू के बाद मिली लाशें

इंदौर, 29 अगस्त 2025।

इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया जिसने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। रेवती पहाड़ी के पीछे स्थित एक पुरानी खदान में पानी भर जाने से बना गहरा गड्डा दो मासूम बच्चों की मौत का कारण बन गया। पटेल कॉलोनी निवासी 14 वर्षीय शिवराज सिंह और उसका हमउम्र दोस्त प्रिंस दिवाना अपने दो अन्य साथियों के साथ नहाने पहुंचे थे। खेल-खेल में पानी में उतरे दोनों दोस्त अचानक गहरे हिस्से में चले गए और डूबने लगे। साथ मौजूद रोहन प्रीत और अजय प्रजापति ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सके। घबराए बच्चों ने शोर मचाकर परिजनों और आसपास के लोगों को बुलाया और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही बाणगंगा थाना पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। गोताखोरों को बुलाया गया और तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। लेकिन खदान के पानी की गहराई और जटिल संरचना के कारण बच्चों तक पहुंचना बेहद मुश्किल साबित हुआ। पुलिस और गोताखोरों ने लगातार पांच घंटे तक मशक्कत की। हर बीतते मिनट के साथ बच्चों के परिवार वालों की उम्मीदें धुंधली पड़ती गईं और पूरे क्षेत्र का माहौल मातम में बदल गया। आखिरकार टीम ने दोनों बच्चों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक वे जिंदगी की जंग हार चुके थे। दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया।

एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि यह घटना अत्यंत दुखद है और पुलिस इसकी गहन जांच कर रही है। यह देखा जा रहा है कि बच्चों की खदान तक पहुंच कैसे हुई और वहां कोई सुरक्षा इंतजाम क्यों नहीं थे। खदानों में इस तरह पानी भर जाना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है और यह लोगों की जान के लिए बड़ा खतरा है। अधिकारी ने कहा कि ऐसे हादसों से बचने के लिए प्रशासन को सुरक्षा उपाय करने होंगे, वरना भविष्य में और भी बड़ी त्रासदियां हो सकती हैं।

इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक बच्चों के परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। हर किसी की जुबान पर यही सवाल है कि आखिर कब तक ऐसी लापरवाहियां मासूमों की जिंदगी छीनती रहेंगी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस तरह की खतरनाक खदान गड्ढों को तुरंत पाटकर सुरक्षित किया जाए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को इस दर्दनाक हादसे से न गुजरना पड़े।

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